झारडा तहसील के ग्राम घटिया सांईदास एवं फत्नीखेड़ा स्थित सिद्ध चमत्कारिक हनुमान मंदिर में 26 वर्षों से निरंतर संचालित अखंड रामायण पाठ के उपलक्ष्य में प्रति वर्ष अनुसार आयोजित पांच दिवसीय 11 कुण्डीय महायज्ञ का समापन इस वर्ष भी पूर्णाहुति यज्ञ के साथ श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
गांव से दूर नदी किनारे वन क्षेत्र में स्थित यह प्राचीन एवं आस्था का केंद्र हनुमान मंदिर क्षेत्रभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि यहां विराजमान श्री हनुमान जी की स्वयं प्रकट मूर्ति के समक्ष सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत पूर्ण होती है। इसी आस्था के कारण प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन, पूजा-अर्चना एवं अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए यहां पहुंचते हैं।
12 गांव की समिति के तत्वावधान में आयोजित इस पांच दिवसीय महायज्ञ में 56 जोड़ों ने आहूति दी । प्रतिदिन भक्ति, यज्ञ एवं भंडारे के आयोजन के साथ कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन लगभग 2 से 2.5 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। वहीं पूर्णाहुति के अंतिम दिवस 12 से 14 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन लाभ प्राप्त किया तथा भरपूर महाप्रसादी ग्रहण की।
पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की। आयोजन में अनेक संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
हनुमान जी के जयघोष और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुए इस महायज्ञ ने श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का अनुपम संदेश दिया।
यह जानकारी क्षेत्र के पंडित हरिओम दास जी बैरागी घटिया साइन दास वाले के द्वारा प्रधानकी गई ।
संवाददाता प्रदीप बैरागी
