*गंगावास से गूंजा जल संरक्षण का संदेश, जनभागीदारी से प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प*
,( राजस्थान )05 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कल्याणपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत गंगावास में आयोजित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के जिला स्तरीय समापन समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के तहत तालाब पूजन, पीपल पूजन, पौधारोपण एवं श्रमदान जैसे जनजागरण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विविध आयोजन किए गए।
समारोह के मुख्य अतिथि सिवाना विधायक हमीर सिंह भायल ने कहा कि राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में जल का महत्व जीवन के समान है। उन्होंने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ने गांव-गांव में जल बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति नई चेतना जागृत की है। जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने तालाब, बावड़ियां, कुएं और जोहड़ों जैसी परंपरागत जल संरचनाओं के माध्यम से जल संचयन की समृद्ध व्यवस्था विकसित की थी। वर्तमान समय में बढ़ते जल संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए इन्हीं परंपरागत प्रणालियों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा जल संग्रहण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा पौधारोपण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
विधायक भायल ने कहा कि बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय असंतुलन को नियंत्रित करने के लिए अधिकाधिक पौधारोपण आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने गांव के तालाबों को स्वच्छ रखने तथा जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान पूरे विश्व ने ऑक्सीजन का महत्व समझा था, इसलिए वृक्षारोपण केवल पर्यावरणीय गतिविधि नहीं बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार गांव, गरीब और किसान के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। गरीब परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा, घर-घर विद्युत कनेक्शन, पशुधन और फसल बीमा, किसान सम्मान निधि में वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के विस्तार जैसे अनेक कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतमाला एक्सप्रेस-वे जैसी आधारभूत संरचना परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई गति दे रही हैं, वहीं रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल की प्रत्येक बूंद का सम्मान करने का आह्वान किया।
पचपदरा विधायक डॉ. अरुण चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ने समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की आधारशिला है। यदि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता नहीं दी गई तो आने वाले समय में गंभीर संकट उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण और जल संरक्षण का संकल्प लेना पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक व्यक्ति यदि एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले तो हरित वातावरण का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। डॉ. चौधरी ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में सड़क विस्तार कार्य तेजी से किए जा रहे हैं और कोई भी सड़क क्षतिग्रस्त अवस्था में नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वंचित परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा है तथा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सिवाना और पचपदरा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए नर्मदा के पानी को क्षेत्र तक पहुंचाने का कार्य प्रगति पर है। यह परियोजना पूर्ण होने के बाद हजारों परिवारों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मंचासीन जनप्रतिनिधियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को पौध वितरण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया तथा सभी ने हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर सुशील कुमार यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीराराम कलबी, उपखंड अधिकारी राजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पौधारोपण एवं श्रमदान में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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