मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत नारायणपुर जिले ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए बस्तर संभाग में स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य पूर्ण करने वाला पहला जिला बनने का गौरव प्राप्त किया है। जिले में निर्धारित 1 लाख 58 हजार 303 लोगों के लक्ष्य के विरुद्ध 1 लाख 58 हजार 651 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जो लक्ष्य का 100.22 प्रतिशत है।
यह उपलब्धि कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, मैदानी अमले, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। सुदूर वनांचल और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों तक पहुंचकर स्वास्थ्य टीमों ने लोगों की जांच सुनिश्चित की और अभियान को सफल बनाया।
अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव पहुंचकर स्वास्थ्य जांच की। स्वास्थ्य कर्मी घने जंगलों, पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों और दूरस्थ बसाहटों तक पहुंचे। स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित रहने के बजाय गांवों, चौपालों और हाट-बाजारों में शिविर लगाकर लोगों की जांच की गई। डिजिटल तकनीक और रियल टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से अभियान की सतत निगरानी की गई, जिससे लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की स्वास्थ्य जांच कर संभावित रोगों की पहचान की गई। जांच के दौरान मलेरिया, क्षय रोग (टीबी), कुष्ठ रोग तथा सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारियों से प्रभावित व्यक्तियों की समय रहते पहचान संभव हुई। संदिग्ध पाए गए मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया तथा आवश्यकता अनुसार 905 मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर कर बेहतर इलाज सुनिश्चित किया गया। इससे गंभीर बीमारियों के समय पर उपचार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान का उद्देश्य दूरस्थ वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। नारायणपुर जिले की यह उपलब्धि न केवल बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं। अभियान के माध्यम से ग्रामीण समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है तथा लोगों का स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
संवाददाता खुमेश यादव
