अमरोहा जनपद में माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने प्रशासन से एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद, अमरोहा द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2026 में होने वाली जनगणना के कार्य में विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को तैनात किए जाने से शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, माध्यमिक विद्यालयों में पहले से ही शिक्षकों की कमी बनी हुई है। ऐसे में जब प्रधानाचार्यों को भी जनगणना जैसे अतिरिक्त कार्यों में लगाया जाता है, तो विद्यालयों का संचालन प्रभावित होता है। प्रधानाचार्य न केवल शैक्षणिक कार्यों की निगरानी करते हैं, बल्कि विद्यालय में अनुशासन, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। उनकी अनुपस्थिति में इन सभी कार्यों में बाधा उत्पन्न होना स्वाभाविक है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान समय में विद्यालयों में बोर्ड परीक्षाओं का मूल्यांकन, नई शिक्षा सत्र की तैयारियां और अन्य जरूरी शैक्षणिक गतिविधियां चल रही हैं। ऐसे महत्वपूर्ण समय में प्रधानाचार्यों की गैरमौजूदगी से विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालयों की कार्यप्रणाली दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
इसके अतिरिक्त, कई विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव है, जिसके कारण प्रधानाचार्यों की अनुपस्थिति में जिम्मेदारियों का उचित निर्वहन नहीं हो पा रहा है। इससे छात्रों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता और विद्यालय के अनुशासन पर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।
प्रधानाचार्य परिषद ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि जनगणना 2026 के कार्य में माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को न लगाया जाए। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है।
रिपोर्ट मौ। अज़ीम अमरोहा
बाईट डॉ गजेंद्र सिंह प्रिंसिपल हिंदू कॉलेज
