आगर मालवा/सुसनेर। आगर थाना कोतवाली थाने में बाइक चोरी का आवेदन लेकर फाड़ कर रद्दी में फेंक देने का मामला सामने आया है
। जिसे लेकर पीड़ित पक्ष ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अनुभाग सुसनेर के नाम ज्ञापन दिया।
पीड़ित जानकारी अनुसार आगर कोतवाली थाने में न तो समय पर एफआईआर हो रही है। न ही आवेदन लिए जा रहे हैं
। यदि आवेदन लिए जा रहे हैं तो बगैर सील लगा कर केवल साईन करके आवेदन दिए जा रहे हैं। ऐसा ही मामला आज उस समय सामने आया जब पीड़ित परिवार के सदस्य कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सुसनेर के नाम ज्ञापन देने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।
पीड़ित ने बताया कि थाने पर सील लगा कर नहीं देने से चोरी गये वाहन का क्लेम पास नहीं होता, जिससे बीमा राशि नहीं मिलती।
आवेदक ने बताया कि 3 दिन पहले दिया हुआ आवेदन पुलिस कर्मचारी ने फाड़ कर डस्टबीन में फेंक दिया और अभद्रता की
। पीड़ित हेमराज पिता मोहन लाल मालवीयनिवासी ग्राम पालखेडीने आवेदन में बताया कि उसकी मोटर सायकल नम्बर क्रमाक MP70 ZD4536 जो आगर से 1 मई को चोरी हुई थी । जिसके संबंध में उसी दिन पुलिस थाना आगर को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाना कोतवाली परिजनों के साथ गये थे। किंतु पुलिस द्वारा ना तो रिपोर्ट दर्ज की गई और ना ही मोटर सायकल खोजने मे कोई सक्रियता दिखाई ।
आवेदन पर थाने की सील भी नहीं लगाई। पीड़ित ने बताया कि थाने में पदस्थ एएसआई गोविंद सिंह सरायत द्वारा पावती नहीं दी गई
। घटना के चौथे दिन थाना प्रभारी शशि उपाध्यया के कहने पर रिपोर्ट लिखी। इस घटनाक्रम को थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे को मय प्रमाण के रूप में देखा जा सकता है। जब आवेदक ने प्रधान आरक्षक रितुराज सिंह से 1 मई को दिए आवेदन पर थाने की सील लगाने को कहा तब आरक्षक रितुराज सिंह ने आवेदन फाड़ कर डस्टबीन में फेंक दिया।
जब इस घटना की थाना प्रभारी श्रीमती शशि उपाध्याय को आवेदक और उसके साथ आए परिजनों ने की। तब टीआई ने भी पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि यदि 1 तारीख के आवेदन पर सील मांगोगे तो एफआईआर भी निरस्त कर दूंगी। पीड़ित का कहना है कि थाने की सील नहीं लगाने से बीमा क्लेम मिलने में समस्याएं आती है।
आगर मालवा जिले के थानों में रिपोर्ट नहीं लिखना या देरी से लिखना एक प्रचलन बन गया है। सामान्य आवेदनो के लिए उच्च न्यायालय से अवमानना मामले में निर्देश देने के बाद भी एफआईआर नहीं होती है। आगर जिले में मोटर साइकिल का अपहरण कर फिरौती की मांग करने वाला गिरोह सक्रिय है
संवादाता संजय डगवाल
