मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने एवं आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा किसानों को अतिरिक्त ग्रीष्मकालीन फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव के मार्गदर्शन में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा जिले के किसानों को ग्रीष्मकालीन तिल एवं उड़द की खेती अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री विजय चौरसिया ने बताया कि सिंचाई साधनों की उपलब्धता के आधार पर जिले के 1881 किसानों का चयन कर 1055 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन तिल की खेती के लिए 52.62 क्विंटल बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया गया।
किसानों द्वारा उत्साहपूर्वक तिल की फसल बोई गई, जो वर्तमान में खेतों में लहलहा रही है। लगभग 55 से 60 दिन की इस फसल में फूल एवं कैप्सूल (पोड) बनना शुरू हो गया है तथा यह फसल करीब 85 दिनों में तैयार हो जाएगी।
किसानों को होगी अतिरिक्त आय
विकासखंड नलखेड़ा के ग्राम भैंसोदा के किसान श्री मुकेश पिता श्री लक्ष्मीनारायण एवं श्री जयनारायण पिता श्री भैरूलाल ने बताया कि एक बीघा भूमि से लगभग 3 से 3.5 क्विंटल तिल उत्पादन होने की संभावना है, जिससे 36 हजार से 40 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। किसानों ने इसे तीसरी फसल के रूप में लाभकारी बताया।
इसी प्रकार ग्रीष्मकालीन उड़द फसल के लिए 50 किसानों का चयन कर 50 हेक्टेयर क्षेत्र हेतु 10 क्विंटल बीज अनुदान पर वितरित किया गया। विकासखंड सुसनेर के ग्राम बढ़िया के किसान श्री बालचंद्र पिता श्री माधु के खेत में उड़द की फसल अच्छी स्थिति में है। उन्हें एक बीघा भूमि से 3 से 4 क्विंटल उड़द उत्पादन की उम्मीद है, जिससे 30 हजार से 40 हजार रुपये तक की आय होगी।
जिले को होगा करोड़ों रुपये का लाभ
कृषि विभाग के अनुसार जिले में तीसरी फसल के रूप में तिल एवं उड़द की खेती से किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा। ग्रीष्मकालीन तिल फसल से लगभग 7385 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होने का अनुमान है, जिससे किसानों को करीब 886.20 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होगी। वहीं उड़द फसल से लगभग 26.80 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होने का अनुमान है।
दोनों फसलों से जिले के किसानों को कुल लगभग 913 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। साथ ही राज्य शासन द्वारा उड़द के समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को और अधिक लाभ मिलेगा।
संवादाता संजय डगवाल
