बारां नगर एवं जिले के समस्त गौसेवकों, गौभक्तों तथा विभिन्न हिंदू संगठनों द्वारा आज हरिकृपा ढाबे पर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर प्रशासन एवं सरकार के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने बताया कि लगभग 3 माह पूर्व गौवंश संरक्षण एवं व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक आंदोलन किया गया था। आंदोलन के दौरान प्रशासन एवं सरकार को 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया था, जिस पर सहमति बनने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया गया था।
गौसेवकों ने आरोप लगाया कि इतने लंबे समय बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी मांग पर धरातल स्तर पर कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हुआ है। इससे गौसेवकों एवं हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
गौसेवकों की प्रमुख मांगेंः
बारां शहर में तत्काल गौ एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाए।
नगर में आधुनिक एवं विशाल गौशाला का निर्माण कराया जाए।
मृत गोवंश के लिए सुव्यवस्थित अंतिम संस्कार व्यवस्था लागू की जाए।
नियाना स्थित कचरा प्लांट को शीघ्र चालू किया जाए, जिससे गौवंश पॉलिथीन खाने से बच सके।
गौवंश संरक्षण से जुड़े लंबित मामलों में प्रशासन त्वरित कार्रवाई करे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद गौसेवकों ने कहा कि गौमाता की सुरक्षा एवं संरक्षण केवल भावनात्मक विषय नहीं बल्कि समाज और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। यदि प्रशासन शीघ्र निर्णय लेकर कार्य प्रारंभ नहीं करता, तो आने वाले समय में आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।
एक माह का अल्टीमेटम
गौसेवकों एवं हिंदू संगठनों ने प्रशासन को 1 माह का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि सभी मांगों पर कार्य शुरू नहीं किया गया, तो बारां सहित पूरे संभाग में उम्र एवं व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान बड़ी संख्या में गौसेवक, विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, समाजसेवी एवं गौभक्त उपस्थित रहे।
हेमंत यादव
