कबीरधाम जिले की ग्राम पंचायत कोठार एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पंचायत के उपसरपंच एवं पंचों ने पंचायत कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए सरपंच और सरपंच पति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पंचायत में बिना प्रस्ताव और बिना पंचों की सहमति के लाखों रुपए की राशि का आहरण किया गया।
पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार मूलभूत मद से साफ-सफाई, चौक-चौराहों में लाइट व्यवस्था और अन्य विकास कार्यों के नाम पर भारी रकम निकाली गई, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य नजर नहीं आ रहे हैं। गांव के कई हिस्सों में अब भी अंधेरा पसरा हुआ है, जबकि साफ-सफाई व्यवस्था भी बदहाल बनी हुई है।
उपसरपंच एवं पंचों ने बोर खनन कार्य में भी गड़बड़ी की आशंका जताई है। उनका कहना है कि संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड पंचायत में उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। आरोप यह भी है कि पंचायत संचालन में लगातार सरपंच पति का हस्तक्षेप बना हुआ है और दबाव बनाकर निर्णय लिए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने भी पंचायत प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्यशैली अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पंचायत में अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, जबकि जरूरी निर्माण कार्य अधूरे पड़े हुए हैं। कई प्रस्तावित कार्य आज तक शुरू नहीं हो सके हैं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
उपसरपंच एवं पंचों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
