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शिव पोटाई जिला महासचिव, आम आदमी पार्टी, ...........NN81



अंतागढ़ ब्लॉक में आज जो स्थिति निर्मित हुई है, वह प्रदेश की भाजपा सरकार की विफल नीतियों, जनविरोधी कार्यशैली और पंचायत प्रतिनिधियों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुकी है। अंतागढ़ क्षेत्र के 56 पंचायतों के सरपंचों द्वारा सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंपना कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह भाजपा सरकार के खिलाफ जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण जनता के भीतर बढ़ते आक्रोश और असंतोष का स्पष्ट संकेत है। यह बेहद दुखद और चिंताजनक स्थिति है कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी संभालने वाले सरपंच आज अपने अधिकार, सम्मान और पंचायत हितों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए हैं।

आम आदमी पार्टी के जिला महासचिव शिव पोटाई ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार “सुशासन तिहार” मनाकर जनता को भ्रमित करने और अपनी झूठी उपलब्धियों का ढोल पीटने में लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। यदि वास्तव में प्रदेश में सुशासन होता, तो आज पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाना पड़ता। भाजपा सरकार केवल प्रचार और दिखावे की राजनीति कर रही है, जबकि गांव, गरीब, किसान, मजदूर और पंचायत प्रतिनिधि लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को पर्याप्त अधिकार नहीं मिल रहे हैं, पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, योजनाओं में पारदर्शिता का अभाव है, और जनप्रतिनिधियों की बातों को सरकार गंभीरता से नहीं सुन रही है। पंचायतों को कमजोर करने का काम लगातार भाजपा सरकार द्वारा किया जा रहा है। गांवों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बदहाल है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए ग्रामीण जनता आज भी संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार केवल बड़े-बड़े मंचों से भाषण देने में व्यस्त है।

शिव पोटाई ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश के पंचायत मंत्री और मुख्यमंत्री कुंभकरण की नींद में सोए हुए दिखाई दे रहे हैं। जनता की आवाज, सरपंच संघ की पीड़ा और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं उन्हें सुनाई नहीं दे रही हैं। सरकार पूरी तरह गूंगी और बहरी बन चुकी है। यदि सरकार अब भी नहीं जागी, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आम आदमी पार्टी सरपंच संघ के आंदोलनकारी साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और हर संघर्ष में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी। पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों की लड़ाई को आम आदमी पार्टी मजबूती से सड़क से सदन तक उठाने का काम करेगी। जब तक पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता और उन्हें उनका अधिकार एवं सम्मान नहीं दिया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

शिव पोटाई ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव के समय जो बड़े-बड़े वादे किए थे, आज वे सभी वादे खोखले साबित हो रहे हैं। जनता अब भाजपा की कथनी और करनी का अंतर समझ चुकी है। गांवों के विकास और पंचायतों को मजबूत करने की बजाय सरकार केवल राजनीतिक लाभ लेने में लगी हुई है। लेकिन अब जनता जाग चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

आम आदमी पार्टी प्रदेश सरकार से मांग करती है कि सरपंच संघ की मांगों पर तत्काल गंभीरता से विचार किया जाए, पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया जाए और पंचायतों को उनका अधिकार एवं सम्मान दिया जाए। अन्यथा प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन की स्थिति निर्मित होगी।

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