शहर में बढ़ती चैन स्नैचिंग की वारदातों पर लगाम लगाने के लिए प्रतापनगर थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चैन स्नैचिंग की वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन एवं वृताधिकारी सज्जन सिंह के सुपरविजन में प्रतापनगर थानाधिकारी सुनील ताड़ा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।
घटना 10 मई 2026 की है, जब पुर रोड स्थित बिलिया क्षेत्र में शिव स्वास्थ्य क्लिनिक पर मौजूद महिला दमयंती सोलंकी के गले से दिनदहाड़े बाइक सवार दो युवकों ने करीब 35 ग्राम की सोने की चैन झपट ली थी। आरोपी स्प्लेंडर बाइक पर आए थे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। महिला की रिपोर्ट पर प्रतापनगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने जांच के दौरान संजू जाट, चांदमल जाट और रमेश चंद्र गाडरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बाद में तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार मुख्य सरगना रमेश गाडरी आदतन अपराधी है और राजसमंद जिले के कुंवारिया थाने का हिस्ट्रीशीटर है। वह युवकों को अपने साथ रखकर चैन स्नैचिंग की वारदातें करवाता था।
कार्रवाई में प्रतापनगर थाना पुलिस और डीएसटी टीम के कई अधिकारियों व जवानों ने विशेष योगदान दिया। पुलिस अब आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
