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खेत की जुताई के दौरान खेत में उतरा करंट, भैंसे की मौत, किसान झुलसा........NN81




मंडी धनौरा के  ग्राम मलेशिया में बड़ा हादसा हो गया। गन्ने के खेत की जुताई करते समय हाईटेंशन लाइन में फाल्ट होने से खेत में करंट उतर आया। हादसे में एक भैंसे की मौके पर मौत हो गई, जबकि किसान गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।


ग्राम मलेशिया निवासी किसान रणवीर सिंह और उनके भाई सतवीर सिंह बुधवार को अपने गन्ने के खेत की जुताई कर रहे थे। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में अचानक फाल्ट हो गया। बताया गया कि ट्रांसफार्मर पोल पर लगा इंसुलेटर फटने से करंट पूरे खेत में फैल गया। करंट की चपेट में आने से किसान का भैंसा मौके पर ही मर गया, जबकि दोनों भाइयों ने किसी तरह खेत से भागकर जान बचाई।


हादसे में रणवीर सिंह गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं सतवीर सिंह को भी करंट के झटके लगे, हालांकि उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोनों किसान समय रहते खेत से बाहर नहीं निकलते तो बड़ा हादसा हो सकता था।


घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस और मलेशिया चौकी प्रभारी चंदवीर सिंह मौके पर पहुंच गए। चौकी इंचार्ज ने विद्युत विभाग और पशुपालन विभाग को मामले से अवगत कराया। पशुपालन विभाग से पहुंचे डॉ. नेपाल सिंह ने मृत भैंसे का पोस्टमार्टम कराए जाने की कार्रवाई शुरू कराई।


ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे के काफी देर बाद तक विद्युत विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी। जेई हरिशंकर कुशवाहा ने बताया कि लाइनमैन को मौके पर भेजकर लाइन को पोल से अलग करा दिया गया है। जल्द ही क्षतिग्रस्त लाइन को बदलवाकर आपूर्ति सुचारु करा दी जाएगी।


ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि जिस लाइन की वजह से हादसा हुआ, वह कई साल पुरानी है और उसमें अब भी लोहे के तार लगे हुए हैं। किसानों ने बताया कि जर्जर लाइन को बदलकर 11 केवी नई लाइन डलवाने की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है।


हादसे में किसान को करीब 50 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। ऐसे में अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और बिजली विभाग पर टिकी है कि पीड़ित किसान को मुआवजा मिलता है या नहीं।

रिपोर्ट मौ। अज़ीम अमरोहा

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