हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में आगामी पुरुषोत्तम मास मे 17 मई से 15 जून तक होने वाले मास पर्यंत कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु मातृशक्ति की बैठक दरबार साहिब में संपन्न हुई। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और सभी कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने एवं सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने कहा कि पुरुषोत्तम मास के समस्त महीने को अति श्रेष्ठ इसलिए माना जाता है क्योंकि यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित है इस पूरे महीने में भक्तों द्वारा नाम सुमिरन एवं सेवा के जो कार्य किए जाते हैं वे अत्यंत पुण्य प्रदान करने वाले होते हैं, स्वामी जी ने सभी मातृशक्ति से कहा कि इस पुरुषोत्तम मास में श्रीराम कथा, श्री भक्तमाल कथा, श्री शिव महापुराण कथा, श्रीमद् भागवत कथा एवं सत्यनारायण भगवान की कथा एवं पूर्णिमा उद्यापन के साथ-साथ सनातन मंगल महोत्सव के दौरान जिस तरह से गंगा आरती हुई थी, उसी तरह पूरे माह में हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के प्रांगण में गंगा आरती भी होगी। मातृशक्ति की बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती पल्लवी वच्छानी ने बताया कि 17 मई को प्रातः 8 बजे बालाजी मंदिर बालाजी मार्केट से कलश यात्रा एवं पोथी यात्रा प्रस्थान करेगी जो शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए हरी शेवा धाम में विश्राम करेगी, कलश यात्रा में अलका जोशी, मंजू पोखरना और खुशबू शुक्ला सहित अन्य प्रमुख महिला कार्यकर्ता सेवा करेगी, पूरे महीने होने वाले धार्मिक आयोजन के दौरान प्रतिदिन होने वाले रुद्राभिषेक एवं श्री विष्णु महायज्ञ की प्रविष्टि के लिए श्रीमती वर्षा सखरानी और दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक होने वाली विभिन्न कथाओं के विश्राम पर प्रसाद सेवा के लिए श्रीमती वर्षा टिकयानी को भक्तजन नाम लिखा सकेंगे, रुद्राभिषेक एवं श्री विष्णु महायज्ञ दोनों में प्रतिदिन अधिकतम तीन -तीन जोडे प्रतिदिन पुण्य लाभ ले सकेंगे। पूर्णिमा उद्यापन के लिए श्रीमती अलका जोशी को प्रभारी बनाया गया। बैठक में संत मायाराम, श्रीमती सुनीता नानकानी, श्रीमती मंजू तंबोली ने भी विचार रखे। श्रीमती श्यामा शर्मा एवं श्रीमती गायत्री विजयवर्गीय ने भजनों की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर संत गोविंदराम, आयोजन समिति के प्रभारी चांदमल सोमानी, सुरेश गोयल, कोषाध्यक्ष हीरालाल गुरुनानी, सह कोषाध्यक्ष हनुमान प्रसाद अग्रवाल, व्यवस्था संपर्क प्रमुख रविंद्र कुमार जाजु आदि उपस्थित थे।
