वर्दी केवल कानून व्यवस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवता का मिसाल भी बन सकती है । इसका उदाहरण मंगलवार रात छोटेडोंगर क्षेत्र में देखने को मिला जहां वन विभाग एवं थाना छोटेडोंगर पुलिस की संवेदनशीलता, समन्वय एवं सूझबूझ से एक घर छोड़कर आत्महत्या का विचार कर रही महिला को मिला सहारा।
जानकारी के अनुसार दिनांक 12.05.2026 को रात्रि लगभग 09 बजे थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के बड़गांव मुख्य मार्ग पर एक अंजान महिला अकेली एवं मानसिक रूप से परेशान हालत में मिली। महिला की स्थिति को देखते हुए छोटेडोंगर रेंज में पदस्थ वन विभाग के कर्मचारी अनिल पोटाई एवं संकुराम कावची द्वारा संवेदनशीलता एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए तत्काल थाना छोटेडोंगर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची एवं महिला को सुरक्षित थाना छोटेडोंगर लाया गया।
थाना छोटेडोंगर पुलिस द्वारा महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे भोजन एवं पानी उपलब्ध कराकर विश्वास में लिया गया तथा बेहद धैर्य एवं संवेदनशीलता के साथ उसकी बात सुनी गई। पूछताछ में महिला ने अपना नाम सुमन मरकाम, पति किशोर मरकाम, उम्र 32 वर्ष, निवासी बड़ागांव थाना विश्रामपुरी जिला कोंडागांव बताया।
महिला ने बताया कि उसके पति द्वारा आए दिन शराब पीकर मारपीट करने से परेशान होकर वह बिना बताए घर छोड़कर निकल गई थी तथा रास्ते में जो भी बस मिलती गई उसमें बैठते हुए केशकाल, फरसगांव, कोंडागांव, नारायणपुर होते हुए छोटेडोंगर पहुंची। महिला ने घर छोड़ने के बाद आत्महत्या जैसे विचार आने की बात भी बताई।
थाना छोटेडोंगर पुलिस द्वारा तत्काल थाना विश्रामपुरी से संपर्क कर महिला के परिजनों से बात की गई। रात्रि होने के कारण महिला को थाना में सुरक्षित आश्रय दिया गया। मामला पारिवारिक विवाद का होने एवं महिला द्वारा घर वापस जाने से मना करने पर महिला की सुरक्षा एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए सखी सेंटर में काउंसिलिंग एवं परिवारजनों की उपस्थिति में समस्या समाधान हेतु प्रतिवेदन तैयार कर महिला स्टाफ के साथ मुख्यालय नारायणपुर भेजा गया।
इस पूरे घटनाक्रम में थाना छोटेडोंगर पुलिस एवं वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा मानवता, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का परिचय देते हुए एक परेशान महिला को नया सहारा एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान किया गया।
संवाददाता खुमेश यादव
