महिला एवं बाल विकास विभाग, उज्जैन द्वारा मिशन नीव अंतर्गत परियोजना महिदपुर के झारड़ा सेक्टर की आंगनवाड़ी सहायिकाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में सहायिकाओं को बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की व्यवहारिक जानकारी दी गई।
जानकारी देते हुए मिशन नीव कार्यक्रम के जिला समन्वयक लोकेन्द्र तंवर ने बताया कि संयुक्त संचालक राजेश मेहरा एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा परियोजना अधिकारी रीना सोलंकी के नेतृत्व में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी सहायिकाओं को बच्चों के साथ सकारात्मक व्यवहार, खेल-आधारित शिक्षण, दैनिक गतिविधियों का संचालन, स्वच्छता, पोषण एवं बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई।
परियोजना अधिकारी रीना सोलंकी ने प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों की पहली सीखने की जगह होती हैं, इसलिए केंद्र का वातावरण बच्चों के लिए आकर्षक, सुरक्षित एवं सीखने योग्य होना आवश्यक है। सहायिकाओं को विभिन्न खेल, गीत, कहानी एवं गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखाने के तरीके सिखाए गए। साथ ही बच्चों में कुपोषण रोकने, नियमित उपस्थिति बढ़ाने एवं अभिभावकों से बेहतर संवाद स्थापित करने पर भी चर्चा की गई।कार्यक्रम के दौरान सहायिकाओं ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपने अनुभव साझा किए। पर्यवेक्षक पदमा लोधवाल ने सहायिकायों को बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
संवाददाता
प्रदीप बैरागी
