उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की एक शांत सी लगने वाली नहर पटरी पर बुधवार की सुबह अचानक हलचल तेज हो गई। पुलिस और एक संदिग्ध के बीच हुई मुठभेड़ ने न सिर्फ एक लंबे समय से फरार आरोपी की कहानी को उजागर किया, बल्कि उस दोहरे जीवन की परतें भी खोल दीं, जिसमें अपराध और आस्था का मुखौटा एक साथ चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किया गया व्यक्ति अरमान उर्फ काले खां है, जो करीब एक दशक से अधिक समय से हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में वांछित था। लेकिन इस दौरान वह किसी आम अपराधी की तरह नहीं, बल्कि एक ‘तांत्रिक’ के रूप में लोगों के बीच मौजूद रहा—एक ऐसा चेहरा, जिस पर लोग भरोसा करते रहे।
घटना उस समय हुई जब पुलिस टीम गश्त के दौरान सकतपुर नहर पुल के पास एक व्यक्ति को रोकने की कोशिश कर रही थी। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध ने रुकने के बजाय भागने का प्रयास किया और पीछा करने पर उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया।
लेकिन इस मुठभेड़ से आगे की कहानी कहीं अधिक जटिल और असहज है। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने अपने ‘तांत्रिक’ रूप का इस्तेमाल कर एक महिला को गड़ा धन निकालने का झांसा दिया और उससे लाखों रुपये व आभूषण ठग लिए। साथ ही, उसी परिवार की एक युवती के साथ गंभीर अपराध की भी बात सामने आई है।
यह मामला केवल एक गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक मनोविज्ञान को भी छूता है, जहां भय, आस्था और असुरक्षा के बीच लोग अक्सर ऐसे चेहरों पर विश्वास कर बैठते हैं, जो बाद में धोखे का कारण बनते हैं।
फिलहाल, आरोपी और एक घायल पुलिसकर्मी का इलाज जारी है, और पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रिपोर्ट:-मौ। अज़ीम अमरोहा
बाईट ए एसपी अखिलेश भदौरिया
