भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को कीरतपुर जंगल क्षेत्र में नाकेबंदी कर नेपाल सीमा की ओर ले जाई जा रही तीन बैलगाड़ियों पर लदी बेशकीमती साल के पेड़ों की लकड़ी (बोटे) बरामद किए है। इस दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर कई तस्कर भागने में सफल रहे, जबकि घेराबंदी कर टीम ने एक नेपाली तस्कर को दबोच लिया।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को अहले सुबह मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एसएसबी की डी-समवाय कीरतपुर और वन विभाग कीरतपुर पोस्ट के कर्मियों ने संयुक्त रूप से सीमा स्तंभ संख्या 757 के पास सुबह करीब 3:30 बजे जंगल की तरफ से कुछ जानवरों के चलने और इंसानों की हल्की आवाज सुनाई दी। टीम ने जब आवाज की दिशा में पीछा किया, तो देखा कि कुछ बैलगाड़ियां नेपाल सीमा की ओर बढ़ रही हैं।सुरक्षाबलों को अपनी ओर आता देख और गाड़ियों के पहियों की आवाज से सतर्क होकर तस्कर बैलगाड़ियां छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए नेपाल की तरफ भागने लगे। टीम ने पीछा करके एक आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया, जिसने पूछताछ में अपना नाम वृद्धा पुत्र भज्ज्वा निवासी ग्राम कीरतपुर (नेपाल) बताया।जब मौके पर छोड़ी गई तीन बैलगाड़ियों की जांच की गई, तो उन पर भारी मात्रा में साल के बेशकीमती बोटे लदे हुए थे। इसके साथ ही मौके पर एक जोड़ी भैंसा और एक जोड़ी बैल भी बरामद हुए, जबकि दो बैल तेजी से जंगल में भाग गए। टॉर्च की रोशनी में वन विभाग के कर्मियों की मदद से जब बरामद लकड़ी की नाप कराई गई, तो उसमें साल की लकड़ी के 9 फीट 5 इंच, 14 फीट और 8 फीट बोटे पाए गए ।एसएसबी ने पकड़े गए तस्कर, बैलगाड़ियों और बरामद लकड़ी को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए वन विभाग को सुपुर्द कर दिया है।इस संयुक्त टीम में एसएसबी के उपनिरीक्षक अनिल, सहायक उपनिरीक्षक चंद्रकांता कमान, मुख्य आरक्षी फतेह मोहम्मद, आरक्षी विपुल शर्मा, संजय सिंह, मुकेश कुमार नेगी और वन विभाग की ओर से वन दरोगा हरीश लाल, वन रक्षक दीपक, मुख्य आरक्षी कौशल राज व आरक्षी मंजीत कुमार शामिल रहे।
पीयूष गुप्ता
