दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना ने समाज को हिलाकर रख दिया है, जो न केवल कानून की नजर में अपराध है, बल्कि रिश्तों की पवित्रता पर भी करारा प्रहार है। एक चचरे भाई ने अपनी नाबालिग बहन के साथ 2024 से लगातार दो वर्षों तक बलात्कार किया। आरोपी ने शराब के नशे में शुरू की गई इस क्रूरता को जान से मारने की धमकियों से छिपाए रखा। मामला तब खुला जब पीड़िता गर्भवती हो गई और प्रसव पीड़ा में हटा सिविल अस्पताल पहुंची। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना की शुरुआत 2024 से होती है, जब आरोपी की पत्नी गर्भवती थी। परिवार में काम का बोझ बढ़ गया था। आरोपी ने अपनी नाबालिग चचेरी बहन को 'पत्नी की मदद करने' के बहाने अपने ससुराल बुलाया। ससुराल पहुंचते ही आरोपी ने शराब के नशे में पीड़िता पर हमला बोल दिया आरोपी ने न केवल जबरदस्ती की, बल्कि उसे धमकी दी- 'किसी को बताया तो तेरी और तेरे परिवार की जान ले लूंगा।' लड़की घर लौटकर भी चुप रही। लेकिन आरोपी की भूख कम न हुई। वह बार-बार बहाने बनाकर पीड़िता को बुलाता। कभी 'मदद चाहिए', कभी 'काम आ गया है'। हर बार वही नशा, वही जबरदस्ती, वही धमकियां। दो वर्षों में यह सिलसिला इतना लंबा खिंच गया कि पीड़िता का बचपन छिन गया। मन में डर का साया हमेशा मंडराता रहा ।
मामले क़ा खुलाशा तब हुआ ज़ब पीड़िता गर्भवती हो गई। उसकी उम्र अभी भी नाबालिग थी, शरीर कमजोर। प्रसव पीड़ा असहनीय हो गया तो परिजनों ने उसे हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच की तो चौंक गए। लड़की की उम्र, गर्भावस्था का समय और उसकी हालत सब कुछ संदिग्ध था। अस्पताल स्टाफ ने सतर्कता बरती। नर्सों ने पीड़िता से पूछताछ की, लेकिन डर के मारे वह कुछ बोल न सकी। डॉक्टरों ने तुरंत हटा थाने को सूचना दी।
नगर निरीक्षक सुधीर बेगी ने मौके पर पहुंचकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। प्रारंभिक पूछताछ में पीड़िता ने रो-रोकर सारी कहानी बयान की। दो साल की दरिंदगी , धमकियां, बार-बार क़ा कुकृत्य सब सामने आ गया। बेगी ने तुरंत जांच टीम गठित की। आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई। उसके साक्ष्य जुटाए गए, जांच सही पाए जाने पर हटा थाने में अपराध क्रमांक 216/2026 दर्ज किया गया। धाराएं अत्यंत गंभीर हैं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 65(1) (बलात्कार), 64(2)(f) (नाबालिग से बलात्कार), 62(2)m (धमकी), 351(2) (आपराधिक धमकी), साथ ही POCSO एक्ट की 3/4 (घातक यौन हमला), 5J(2) (बार-बार अपराध), 5L (धमकी), 5N/6 (नाबालिग शोषण)। आरोपी को 13 मई को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
नगर निरीक्षक सुधीर बेगी ने बताया, "पीड़िता का बयान दर्ज कर सख्त कार्रवाई की। आरोपी को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। हम पीड़िता को सुरक्षा और काउंसलिंग प्रदान कर रहे हैं।
हटा पुलिस नगर निरीक्षक सुधीर बेगी ने जनता से अपील की है "ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें। चुप्पी अपराध को बढ़ावा देती है।" यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। आरोपी को सजा मिलेगी, लेकिन घाव भरने में समय लगेगा। समाज को आत्ममंथन करना होगा
इस कार्रवाई में निरीक्षक सुधीर कुमार बेगी, प्रआर. अनिल गौतम, प्रआर. महेन्द्र कुमार, प्रआर. पवन, प्रआर. सोनू, प्रआर. अभिषेक, महिला.आर. शोभा मिश्रा, महिला.आर. मोहनी ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संवाददाता..दीपक गर्ग
