जिले की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की कड़ी में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल नेकपुर खुर्द का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में कुल 101 गोवंश सुरक्षित पाए गए। जिलाधिकारी ने गौशाला के अभिलेखों की गहनता से जांच की और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
**चारे की व्यवस्था और फंड की स्थिति**
निरीक्षण के समय गौशाला परिसर में लगभग 50 क्विंटल भूसा, 18.5 क्विंटल दाना और 12 क्विंटल हरा चारा उपलब्ध पाया गया। डीएम ने गोपालकों के लंबित भुगतान और गौशाला फंड की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की। सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि गोपालकों को मार्च 2026 तक का भुगतान किया जा चुका है, जबकि अप्रैल 2026 के फंड के लिए शासन को अनुरोध भेजा गया है। इस पर डीएम ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि लंबित भुगतानों का जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
**पशुओं की चिकित्सा व टीकाकरण पर जोर**
स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी ने उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धनेप कुमार गुप्ता से गोवंशों की चिकित्सा, टैगिंग, टीकाकरण और बीमार पशुओं के उपचार की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशाला का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए और सभी पशुओं की समयबद्ध चिकित्सा एवं उचित देखभाल हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
**रास्ते की मरम्मत और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी**
गौशाला तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति को देखते हुए डीएम ने खंड विकास अधिकारी (बढ़पुर) को मुख्य सड़क से गौशाला तक करीब 450 मीटर लंबे कच्चे रास्ते की मरम्मत के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
इसके साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को गौ आश्रय स्थलों से जोड़ा जाए ताकि पशु आहार निर्माण कार्य में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, किसानों से सस्ती दरों पर हरा चारा खरीदने के लिए अनुबंध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गौशाला नोडल अधिकारी, ग्राम प्रधान और सचिव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे
फर्रुखाबाद रिपोर्टर शांताराम राजपूत
