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शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने किसानों के हित में उठाई आवाज; जिला कलेक्टर को पत्थरगढ़ी रुकवाने हेतु लिखा पत्र ..........NN81

 


 / शाहपुरा — शाहपुरा-बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधायक ने भीलवाड़ा जिला कलेक्टर श्री जश्मित सिंह संधू को पत्र लिखकर बनेड़ा उपखंड के ग्राम जालिया महुआखुर्द में चल रही पत्थरगढ़ी (सीमांकन) की कार्यवाही को तत्काल प्रभाव से रुकवाने की मांग की है।

राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि का मामला

विधायक द्वारा प्रेषित पत्र के अनुसार, ग्राम जालिया महुआखुर्द के खसरा संख्या 1280 के भू-अभिलेखों में तकनीकी कारणों से त्रुटि हुई है। इस गलती के कारण स्थानीय किसानों की भूमि का रकबा (क्षेत्रफल) आधिकारिक नक्शे और रिकॉर्ड में कम हो गया है।

दूसरी ओर, विधायक ने आरोप लगाया है कि इसी त्रुटि के चलते जिंदल शॉ लिमिटेड कंपनी के खसरों का माप बढ़ गया है। वर्तमान में कंपनी इसी विवादित माप के आधार पर पत्थरगढ़ी का कार्य करवा रही है, जिससे क्षेत्र के कई किसान सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।

विधायक की प्रमुख मांगें

दिनांक 28 अप्रैल, 2026 को लिखे गए इस पत्र (क्रमांक: MLA/SHAHPURA/2026/276) में डॉ. बैरवा ने "पीड़ित किसानों" की व्यथा बताते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

कार्य पर तत्काल रोक:जब तक राजस्व रिकॉर्ड और खसरों का सही शुद्धिकरण (Correction) नहीं हो जाता, तब तक जिंदल शॉ लिमिटेड द्वारा किए जा रहे सीमांकन और पत्थरगढ़ी के कार्य को रोका जाए।

अभिलेखों में सुधार: भू-अभिलेखों और खसरा नक्शों की तकनीकी त्रुटि को दूर कर किसानों की भूमि का सही माप सुनिश्चित किया जाए।

प्रशासनिक हस्तक्षेप: संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि वे भूमि का सही माप करें ताकि किसानों को उनका हक मिल सके और उन्हें राहत प्रदान की जाए।

जनहित को प्राथमिकता

विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने स्पष्ट किया कि त्रुटिपूर्ण रिकॉर्ड के आधार पर किसी भी प्रकार का सीमांकन करना "जनहित के विरुद्ध" है। उन्होंने जिला कलेक्टर से आग्रह किया है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप करे ताकि औद्योगिक विस्तार की आड़ में किसानों की पुश्तैनी जमीन के साथ कोई अन्याय न हो।

*"जब तक किसानों के खसरों का सही शुद्धिकरण नहीं हो जाता, तब तक जिंदल क्षेत्र का निर्धारण एवं पत्थरगढ़ी का कार्य रोका जाना जनहित में आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों को भूमि के सही माप हेतु निर्देशित कर किसानों को राहत प्रदान की जाए।" — डॉ. लालाराम बैरवा, विधायक*

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