परेश पंड्या, नाथद्वारा राजसमंद राजस्थान
नाथद्वारा विधायक श्री विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसकी समुचित योजना, संचालन (ऑपरेशनल प्लानिंग) और दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। बिना योजना के किए गए कार्य जनता के संसाधनों की बर्बादी साबित होते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व सरकार द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर में लगभग 50 बेड का पृथक भवन तो स्वीकृत एवं निर्मित करा दिया गया, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सड़क, मूलभूत सुविधाएं और संचालन की समुचित योजना नहीं बनाई गई। परिणामस्वरूप, आज करोड़ों रुपये की लागत से बना यह भवन शुरू होने का इंतजार कर रहा है और आमजन को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विधायक मेवाड़ ने कहा कि पूर्व सरकार की कार्यशैली आधे-अधूरे मन और बिना ठोस योजना के काम करने वाली रही, जिसमें न तो भविष्य की आवश्यकताओं का सही आकलन किया गया और न ही संचालन की स्पष्ट रूपरेखा बनाई गई। ऐसी कार्यप्रणाली के कारण अपने उद्देश्य प्राप्त नहीं हो सके और जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया।
उन्होंने यह भी बताया कि राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ के प्रयासों से इस वर्ष अस्पताल से संबंधित कई महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को स्वीकृति मिली है। इसमें जांच सुविधाओं के लिए फेको मशीन, बायोमेडिकल वेस्ट कक्ष, दवा वितरण केंद्र, सेंट्रल ऑक्सीजन पाइपलाइन, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, फर्नीचर सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं, जिनकी कुल लागत लाखों रुपये में है। इन आवश्यक कार्यों के बिना अस्पताल का सुचारु संचालन संभव नहीं है । साथ ही सड़क एवं एसटीपी प्लांट के कार्य भी शीघ्र प्रारंभ होने की स्थिति में हैं।
इसके अतिरिक्त, हाल ही में प्रसारित एक दस्तावेज को लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा भी स्थिति स्पष्ट की गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि व्यवस्थाओं को बेहतर करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
अंत में विधायक श्री मेवाड़ ने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा निर्मित सेमा क्षेत्र के विद्यालय भवन का हाल ही में निरीक्षण करने पर यह सामने आया कि निर्माण के मात्र 2-3 वर्षों के भीतर ही भवन मरम्मत योग्य स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अस्पताल का यह भवन ऐसी स्थिति का शिकार नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति से बचने के लिए सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता, समुचित योजना और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि जनता को स्थायी और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
