*अपराध दर्ज कर कार्रवाई की मांग*
अंकर :-आज, 28 अप्रैल को महाराष्ट्र के पूज्य देवता छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में गलत बयान देने वाले धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ खामगांव में एस डी ओ कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिमा को चप्पल जूते पीटकर विरोध दर्ज कराया गया और अपराध दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। पहले कांग्रेस पदाधिकारियों ने एस डि ओ कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और धीरेंद्र शास्त्री की खुलेआम निंदा की। उसके बाद उपविभागीय अधिकारी द्वारा महाराष्ट्र के गवर्नर और नागपुर के डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस को एक ज्ञापन रवाना किया गया। इस ज्ञापन में कहा गया कि छत्रपति शिवाजी महाराज पूरी दुनिया के पूज्य देवता हैं और कोई भी शिव प्रेमी अपने पूज्य देवता का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता। धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा ने इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया है और छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में बहुत गलत बयान दिया है और नागपुर में एक प्रोग्राम में छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया है। यह मामला अत्यंत निंदनीय है। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और आर एस एस सरसंघचालक मोहन भागवत भी मौजूद थे। हालांकि, यह बहुत खेद की बात है कि जब छत्रपति का अपमान किया जा रहा था, तब वहां मौजूद सभी लोग चुपचाप इस गलत घटना को होने दे रहे थे और इसका विरोध नहीं किया, बल्कि केवल दर्शक की भूमिका निभाई। हम इन सब की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि पुलिस प्रशासन तुरंत धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा के खिलाफ छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करने के लिए मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करे और उनके महाराष्ट्र में प्रवेश और सार्वजनिक कार्यक्रम करने पर स्थायी रूप से प्रतिबंध लगाया जाए। इस अवसर पर खामगांव कांग्रेस तालुका अध्यक्ष तेजेंद्रसिंह चौहान, शहर अध्यक्ष स्वप्निल ठाकरे पाटिल, ओबीसी विभाग सचिव अजय तायड़े, शहर कार्याध्यक्ष किशोर अप्पा भोसले, कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष एडवोकेट अशोक इंगले, खामगांव विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष अचलेश्वर दीपके, जिला संगठन सचिव अतुल सिरसाट, अमित तायडे, सचिन जैस्वाल, मनोज बोदले, कैलास साबे, पांडुरंग राखोंडे, नीलेश देशमुख, साहिल देशमुख, छोटू राजपूत, सौरभ रिछारिया, मुरलीधर विभूते, अक्षय शंकरवार, शांताराम तायडे, श्रीधर ढगे, गजानन चव्हाण, डॉ. प्रवीण चोपड़े, सोपान पाटिल, मुरलीधर अंभोरे, पुरुषोत्तम रामेकर, विलास नवसागर, प्रमोद हिंगणे, प्रसन्न पाटिल, अनिल ठाकरे, अजय कंकाले, गोपाल हिंगणे, लोमेश भोयर, अमोल खत्री सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
मोहम्मद फारुक खामगांव
