शाहपुरा। आदर्श विद्या मंदिर गांधीपुरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और वर्तमान चुनौतियों पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरुण कुमार जैन ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसके उद्देश्यों और राष्ट्र के समक्ष उपस्थित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
नगर संचालक कन्हैयालाल वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस गोष्ठी में जैन ने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य एक सशक्त, संगठित और चरित्रवान समाज का निर्माण करना है, जो राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है और आने वाला समय भी भारत का ही है, लेकिन इसके लिए समाज को अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों के प्रति सजग रहना होगा।
अपने उद्बोधन में उन्होंने सामाजिक समरसता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज का विखंडन ही देश की सबसे बड़ी कमजोरी है। “यदि समाज बंटेगा, तो राष्ट्र कमजोर होगा, इसलिए हमें हर हाल में समाज को एकजुट रखना है,” उन्होंने कहा। उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि इसके प्रति जागरूक रहना और अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
जनगणना के विषय में उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की नीतियों और भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सभी वर्गों से इसमें सक्रिय और सजग भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर जैन ने कहा कि यह एक शक्तिशाली माध्यम है, लेकिन इसके दुरुपयोग से समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी जानकारी को बिना सत्यापन के साझा न करें और सतर्कता के साथ इसका उपयोग करें।
संघ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आपदाओं के समय संघ कार्यकर्ता हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहे हैं। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा से लेकर विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में सेवा कार्यों तक, संघ ने समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है। उन्होंने बताया कि देशभर में संघ के माध्यम से हजारों सेवा कार्य संचालित हो रहे हैं, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र शामिल हैं।
जैन ने पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, स्व का बोध और पर्यावरण संरक्षणकृको वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज को मजबूत बनाकर ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को अपने इतिहास और महापुरुषों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। वंदेमातरम् के सामूहिक गान से वातावरण राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन घनश्याम सिंह राणावत ने किया।
