नारायणपुर, 25 अप्रैल 2026 // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जिले में नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत दूरस्थ एवं पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शिविर का लगातार आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में ओरछा विकासखंड से लगभग 65 किलोमीटर तथा जिला मुख्यालय नारायणपुर से करीब 130 किलोमीटर दूर, इन्द्रावती नदी के किनारे स्थित और बीजापुर जिले की सीमा से लगे जिले के अंतिम ग्राम लंका में 23 एवं 24 अप्रैल को दो दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। नदी-नालों, पहाड़ों और दुर्गम से अति दुर्गम रास्तों को तय कर जिला प्रशासन की टीम इस सुदूर क्षेत्र तक पहुंची, जहां आजादी के बाद पहली बार इस प्रकार का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह क्षेत्र कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, लेकिन अब यहां शासन की योजनाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं। शिविर में लंका सहित डोंडिमरका, पदमेटा, तालावाड़ा और कारंगुल के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उठाया।
*शिविर में सुशासन एक्सप्रेस बनी आकर्षण का केंद्र*
शिविर के दौरान सुशासन एक्सप्रेस वाहन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस वाई-फाई युक्त मोबाइल सेवा वाहन के माध्यम से ग्रामीणों के लिए 27 प्रकार के जरूरी दस्तावेज मौके पर ही बनाए गए। इंटरनेट सुविधा से युक्त इस वाहन के जरिए आधार, प्रमाण पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित कार्य तत्काल संपन्न किए गए, जिससे ग्रामीणों को बार-बार दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 17,520 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 16,279 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जो शासन की त्वरित सेवा वितरण प्रणाली को दर्शाता है।
लंका ने आयोजित शिविर के दौरान कुल 310 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 242 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों की प्रक्रिया जारी है। प्राप्त आवेदनों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 99 आवेदन, आधार कार्ड के 80, राशन कार्ड के 25, जाति प्रमाण पत्र के 3 तथा निवास प्रमाण पत्र के 2 आवेदन शामिल रहे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के 18, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22, मनरेगा जॉब कार्ड के 34 तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के 10 आवेदन भी प्राप्त हुए।
शिविर में कृषि, स्वास्थ्य, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, खाद्य, राजस्व, समाज कल्याण, आदिवासी विकास, निर्वाचन एवं बैंकिंग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई और मौके पर ही पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आयोजित ये शिविर अबूझमाड़ जैसे दुर्गम और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की मजबूत उपस्थिति का प्रमाण हैं। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं मिल रही हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है, जिससे उनका विश्वास भी बढ़ रहा है।
उन्होंने जानकारी दी है कि अगला शिविर 29 एवं 30 अप्रैल को आदनार में आयोजित किया जाएगा, जिसमें मलमेटा, कोंजे और बोडुम के ग्रामीण लाभान्वित होंगे। प्रशासन ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है।
संवाददाता खुमेश यादव
