पिड़ावा तहसील से संवाददाता मोहम्मद इस्लाम
पिड़ावा। अक्षय तृतीया पर्व के पावन अवसर पर आदिनाथ जिन चैत्यालय में आध्यात्मिक पुरुष कानजी स्वामी की 137वीं जयंती को उपकार दिवस के रूप में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन सामूहिक पूजन से हुई, जिसमें शिखर शास्त्री, सन्मति शास्त्री और चिन्मय शास्त्री के निर्देशन में छोटे-छोटे बच्चों ने भाग लिया। इस दौरान बच्चों से मुनिराज ऋषभदेव एवं कानजी स्वामी के जीवन से जुड़े प्रश्न पूछे गए तथा उत्कृष्ट उत्तर देने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
इसके पश्चात अहमदाबाद (पालड़ी) से पधारे पंडित अभिषेक जी शास्त्री ने ‘अष्टपाहुड़’ ग्रंथ के माध्यम से “पर द्रव्य दुख का कारण, स्व द्रव्य सुख का कारण” विषय पर गूढ़ एवं प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उन्होंने धर्म के मूल तत्वों को सरल भाषा में समझाते हुए आत्मकल्याण का संदेश दिया।
सायंकालीन सत्र में बालकक्षा का आयोजन किया गया,
जिसमें पंडित कमलचंद जी ने मुनिराज ऋषभदेव एवं कानजी स्वामी के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाए। वहीं सन्मति शास्त्री के मार्गदर्शन में बच्चों ने “जिनवाणी के अनमोल वचन” विषय पर सुंदर प्रस्तुतियां देकर सभी को भावविभोर कर दिया।
इसके बाद आयोजित उपकार सभा का शुभारंभ ज्योति जैन के मंगलाचरण से हुआ। सभा में पंडित नेमीचंद जी, जय कुमार जैन, मनीष शास्त्री, राकेश प्रेमी, ललित गोनिया, मुकेश जैन, श्रुति जैन, ब्यूटी जैन, टीना जैन सहित अनेक वक्ताओं एवं
स्थानीय विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि कानजी स्वामी ने जिनवाणी के गूढ़ रहस्यों को उजागर कर समाज को सच्चे धर्म का मार्ग दिखाया।
कार्यक्रम के दौरान इंदौर में आयोजित होने वाले 18 दिवसीय शिक्षण-प्रशिक्षण शिविर का आमंत्रण भी श्रद्धालुओं को दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल उपहार द्वारा किया ग
