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तहसीलदार और पटवारी की मिली भगत से न्यायालय द्वारा लगी रोक को दरकिनार कर कूट रचित दस्तावेज लगाकर करवाया जमीन का नामांतरण कलेक्ट्रेट कार्यालय में शिकायत। NN81


मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से पुनीत शाक्य रिपोर्टर की ख़ास रिपोर्ट।   

  तहसीलदार और पटवारी की मिली भगत से न्यायालय द्वारा लगी रोक को दरकिनार कर कूट रचित दस्तावेज लगाकर करवाया जमीन का नामांतरण कलेक्ट्रेट कार्यालय में शिकायत।। शिवपुरी मध्य प्रदेश शिवपुरी कलेक्ट्रेट कार्यालय में आज एक अजीब मामला सामने आया जिसमें पीड़ित धनीराम यादव ने शिकायत दर्ज करवाई की उनके सौतेले भाइयों ने कूट रचित  दस्तावेज और तहसीलदार एवं पटवारी की मिली भगत से उनके पिता की जमीन अपने पुत्रों के नाम कर कर नामांतरण भी इस दिनांक में करवा लिया। पीड़ित ने बताया कि मुझे मिलकर हम पांच भाई हैं मैं दूसरी माता से पुत्र हूं इसलिए जानबूझकर संपत्ति से वंचित करने की नीयत से मेरे भाइयों द्वारा भूमि बंटवारे में हिस्सा नहीं दिया गया उसके बाद निर्णय 2007 में मेरे पक्ष में हुआ न्यायालय से डिग्री पारित की गई आधार पर मेरी पत्रक भूमि का बंटवारा होकर मेरा नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। वर्ष 2009 में मेरा भाई हर तुम सिंह जो की तहसील खनियाना क्षेत्र में पटवारी था षडयंत्र पूर्वक लगभग 3 वर्ष पश्चात अतिरिक्त ध्यान जिला न्यायालय पिछोर महफिल पुरुष उत्कर्ष मुझे बिना सूचना दिए एक पक्षी आदेश अपने पक्ष में करवा लिया इसके विरुद्ध दूसरी अपील में न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ में विचाराधीन है जिसमें 2014 में स्पष्ट आदेश दिया गया कि इस संपत्ति पर कोई भी नामांतरण वसीयत बिक्री दान पूर्ण वर्जित था यह स्टे आज भी प्रभावशील है। कुछ राजस्व कर्मचारियों अधिकारियों की संयोजित मिली भगत से उसे निरस्त आदेश का राजस्व पोर्टल से हटाया गया और पुरानी वसीयत को लेकर पुनः प्रकरण दर्ज कराया गया एवं वैधानिक रूप से नामांतरण करवा कर यह सरकारी रिकॉर्ड हेरा फेरी एवं षड्यंत्र है। वसीयत में नाबालिक ध्रुव पुत्र हरतुम सिंह का संरक्षक एवं और अर्जुन सिंह पुत्र गजराज सिंह यादव है जो कि स्वयं में पटवारी है एवं माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ में चल रहा है प्रकरण में प्रतिवादी भी है राजस्व कानून नामांतरण प्रक्रिया उच्च न्यायालय के आदेशों की जानकारी पूर्व से थी पूरी जानकारी होते भी इस सुनियोजित  तरीके षड्यंत्र में  शामिल रहा सरकारी कर्मचारी होते हुए भी हाई कोर्ट स्टे का उल्लंघन करने में भागीदारी होना स्पष्ट है आपराधिक मनसा को सिद्ध करता है अतः उसके विरुद्ध विभागीय एवं अधिक करवाई की जाना चाहिए।। हरतुम सिंह यादव पटवारी के विरुद्ध में पूर्व में भी भूमि हेरा फेरी एवं मुआवजा संबंधी मामलों में धोखाधड़ी एवं कुत्रचित दस्तावेज संबंधी धाराओं में लगभग 10 मामले थाना  खनियाधाना में दर्ज है।। जिला कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित धनीराम यादव ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।।

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