मध्यप्रदेश शिवपुरी से नितिन राजपूत शिवपुरी ब्यूरो
शिवपुरी जिले के मचाखुर्द गाँव में रहने वाली नन्ही मुस्कान की कहानी कुपोषण के खिलाफ एक बड़ी जीत की मिसाल बन गई है। पिता संतान और माता रचना आदिवासी की लाडली मुस्कान जन्म के समय तो बिल्कुल सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे वह अस्वच्छता और उपेक्षा के चलते कुपोषण के ऐसे चक्र में फँस गई जहाँ से उसका बचना मुश्किल लगने लगा था। माँ रचना घर के कामों और छोटे भाई-बहन की देखभाल के बोझ तले इतनी दबी रहती थीं कि अनजाने में बिना हाथ धोए ही मुस्कान को खाना खिला देती थीं। गंदगी और लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि मुस्कान को बार-बार उल्टी, दस्त और बुखार रहने लगा और देखते ही देखते वह हड्डियों का ढांचा बनकर रह गई।
मुस्कान की हालत इतनी बिगड़ गई कि 2 जनवरी 2025 को उसे पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराना पड़ा, जहाँ उसका वजन मात्र 4.2 किलो था और उसे खून तक चढ़ाने की नौबत आ गई। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जब वह घर लौटी, तो पुरानी आदतों के कारण उसकी सेहत फिर गिरने लगी और वजन घटकर 5.1 किलो रह गया। इसी नाजुक मोड़ पर 'विकास संवाद' संस्था, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भारती परिहार और आशा कार्यकर्ताओं ने एक नई रणनीति बनाई। उन्होंने तय किया कि इस बार केवल दवा नहीं, बल्कि परिवार की सोच और व्यवहार को बदलना होगा।
गाँव के कोर ग्रुप की सदस्य दुलारी आदिवासी ने इस लड़ाई की कमान संभाली और मुस्कान के घर को ही एक 'पोषण केंद्र' में बदल दिया। परिवार को समझाया गया कि साबुन से हाथ धोना और बच्चे को रोज नहलाना क्यों जरूरी है। मुस्कान को जरूरी प्रोटीन और ताजी सब्जियां देने के लिए परिवार को मुर्गी पालन से जोड़ा गया और घर के पीछे एक छोटी सी 'पोषण वाटिका' तैयार करवाई गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भारती परिहार ने माँ को सरकारी राशन (THR) से अलग-अलग तरह के पौष्टिक व्यंजन बनाना और खिलाना सिखाया।
बदलाव का यह सफर आसान नहीं था, लेकिन दुलारी दीदी की निरंतर निगरानी और हर 15 दिन में किए जाने वाले वजन ने रंग दिखाया। दिसंबर 2025 का महीना मुस्कान के परिवार के लिए सबसे बड़ी सौगात लेकर आया, जब उसका वजन बढ़कर 8.3 किलो हो गया। जो बच्ची कभी बिस्तर से नहीं उठ पाती थी, वह अब कुपोषण से बाहर निकलकर गाँव की गलियों में अन्य बच्चों के साथ खेलती-कूदती नजर आती है। मुस्कान की यह जीत साबित करती है कि यदि समुदाय और प्रशासन मिलकर प्रयास करें, तो कुपोषण को जड़ से मिटाया जा सकता है।
