लोकेशन - नारायणपुर छत्तीसगढ़
संवाददाता-खुमेश यादव
लोकेशन नारायणपुर - नारायणपुर जिले का विद्युत विभाग इन दिनों गंभीर आरोपों के भंवर में फंसा हुआ है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि अब यह विभाग सेवा से ज्यादा कमीशन आधारित व्यवस्था का प्रतीक बनता जा रहा है। किसानों को बोर कनेक्शन देने के नाम पर भारी-भरकम रकम वसूली जा रही है, लेकिन जमीन पर काम शून्य है। अब तो स्थिति यह है कि ग्रामीणों ने खुद रिश्वत लेते हुए वीडियो बनाकर वायरल कर दिया है, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।ताजा मामला तारागांव का है, जहां किसानों ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि बोर कनेक्शन दिलाने के नाम पर उनसे 64 हजार रुपये की मांग की गई। आरोपों के मुताबिक, यह रकम विभाग से जुड़े अधिकारी के माध्यम से ली गई।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि किसानों ने रकम देते वक्त पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती पैसे देने के बाद भी न कनेक्शन मिला, न कोई पावती,किसानों का आरोप है कि रकम देने के बावजूद उनका काम लगभग 2 वर्षों से अधूरा पड़ा है और विभाग की ओर से कोई आधिकारिक रसीद तक नहीं दी गई।
आकाबेड़ा में भी वही हाल है - पैसा दो, फिर भी इंतजार करो,तारागांव के साथ-साथ आकाबेड़ा के किसानों ने भी लगभग इसी तरह के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनसे बोर कनेक्शन के नाम पर 80 हजार रुपये तक की मांग की गई। कई किसानों ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से विद्युत विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया जाता है।एक किसान की पीड़ा तो व्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर करती है,उसने लगभग 10 साल पहले खेत में बोर खुदवाया और विद्युत कनेक्शन के लिए 10 हजार रुपये जमा किए थे। लेकिन आज तक न तो कनेक्शन मिला और न ही पैसे की कोई पावती दी गई।
कुछ ही दिन पहले ट्रांसफार्मर और लाइन शिफ्टिंग के नाम पर 9000 रुपये रिश्वत लेने का मामला सामने आया था, जो अभी शांत भी नहीं हुआ था कि यह नया मामला उजागर हो गया। लगातार सामने आ रही शिकायतें इस ओर इशारा कर रही हैं कि विभाग में बिना कमीशन कोई काम नहीं,जैसी स्थिति बन चुकी है।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है,दफ्तर में फाइल तभी चलती है जब जेब गर्म होती है, और पैसा देने के बाद भी काम की कोई गारंटी नहीं।
पूरे मामले पर कार्यपालन अभियंता के.एल. उइके ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है और वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग में सभी भुगतान काउंटर के माध्यम से होते हैं और तत्काल पावती दी जाती है।उनका कहना है कि यदि कोई भी कर्मचारी नियमों के विरुद्ध पैसा लेते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
