न्यूज़ नेशन 81 क्राइम ब्यूरो सोनभद्र रामआश्रय बिंद
ओबरा (सोनभद्र)। ओबरा सीटीपीएस (Obra CTPS) में कार्यरत संविदा श्रमिकों के शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। भारतीय संविदा श्रमिक संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 'ओएम कंस्ट्रक्शन' (OM Construction) नामक कंपनी और उसके मालिक राजू वैश्य पर मजदूरों के उत्पीड़न और श्रम कानूनों के खुले उल्लंघन का संगीन आरोप लगाया है।
हक मांगने पर नौकरी से निकालने की धमकी
संगठन के अध्यक्ष श्री मणि शंकर पाठक द्वारा प्रेषित पत्र के अनुसार, डूशान पावर सिस्टम इंडिया लिमिटेड (Dooshan Power System India Ltd) के अंतर्गत काम करने वाली संविदा कंपनी के मजदूरों ने जब अपने जायज हक की मांग की, तो उन्हें राहत देने के बजाय काम से भगा दिया गया। आरोप है कि कंपनी मालिक ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि यहाँ कोई श्रम कानून लागू नहीं होगा और जिसे काम करना है वह 12 घंटे की ड्यूटी करेगा।
मजदूरों की प्रमुख माँगें और शिकायतें:
शिकायती पत्र में मज़दूरों ने निम्नलिखित बुनियादी सुविधाओं और बकाये का मुद्दा उठाया है:
बकाया भुगतान: 'अंतर का एरिया' (Arrears) और बोनस का भुगतान न करना।
- श्रम कानून का उल्लंघन: 8 घंटे के स्थान पर जबरन 12 घंटे काम लेना।
- EPFO में गड़बड़ी: भविष्य निधि (EPF) के हिसाब-किताब में पारदर्शिता का अभाव।
- वेतन कटौती: आरोप है कि 30 से ज्यादा श्रमिकों का हर महीने 80 से 90 घंटे का ओवरटाइम काट लिया जाता है।
- सुविधाओं का अभाव: मजदूरों को लीव (छुट्टी), सर्विस पे और अन्य देय लाभ नहीं दिए जा रहे हैं।
- प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई सूचना
संगठन ने साफ तौर पर कहा है कि ठेकेदार द्वारा बनाए गए नियम मज़दूरों की कमर तोड़ रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी प्रतिलिपि जिलाधिकारी सोनभद्र, श्रम प्रवर्तन अधिकारी (DLC) पिपरी, और राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन को भी भेजी गई है।
श्रमिक संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि कंपनी के 'कंप्लायंस रजिस्टर' की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मज़दूरों को उनका वाजिब हक दिलाया जाए।
