राजस्थान
रिपोर्टर - मीठालाल गुर्जर
चारभुजा, राजसमंद,
राजसमंद। धार्मिक नगरी गढ़बोर में स्थित प्रसिद्ध चारभुजानाथ मंदिर में गुरुवार को रामलला का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर में सुबह 11:00 बजे राजभोग आरती के बाद दर्शन बंद कर दिए गए। इसके पश्चात पुजारी सत्यनारायण एवं लक्ष्मण पंचोली द्वारा रामलला का आकर्षक श्रृंगार किया गया। प्रभु को हाथ में धनुष-बाण, ढाल, मस्तक पर स्वर्ण जड़ित मुकुट और गले में नवलखा हार पहनाया गया, साथ ही गुलाबी पुष्पों की सुंदर माला धारण कराई गई।
श्रृंगार के दौरान पुजारियों ने पारंपरिक बधावा गीत— “आज कोशलपुर बंटत बधाई, नवमी के दिन नौबत बाजे, सूत कौशल्या जायो रे”—ताल और मृदंग की संगत में गाकर भक्तिमय माहौल बना दिया। ठीक दोपहर 12:00 बजे सायरन और तोप की गर्जना के साथ राम जन्मोत्सव की घोषणा हुई और दर्शन पुनः प्रारंभ किए गए।
आरती के बाद पुजारियों ने प्रभु को गुलाल अर्पित किया और श्रद्धालुओं को भी गुलाल से सराबोर किया गया। इस दौरान पंसेरी का प्रसाद वितरित किया गया। दिनभर मंदिर में दर्शन का क्रम चलता रहा और भारी भीड़ बनी रही।
राम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में चारभुजा जी के परम भक्त सूराजी एवं भोलीराम जी (मामा-भाणेज) की जयंती पर पुजारी समाज एवं ग्रामवासियों के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
मंदिर में गरुड़ भगवान के समीप स्थापित सूराजी की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कर भोग अर्पित किया गया। इसके बाद सूराजी और भोलीराम जी के छायाचित्रों को सुसज्जित रथ में विराजमान कर शोभायात्रा प्रारंभ की गई।
शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से शुरू होकर होली चौक, ब्रह्मपुरी और मीराबाई चौक होते हुए पुनः मंदिर चौक पहुंची। इस दौरान बैंड-बाजे, घोड़ों के करतब और पुजारियों द्वारा पुष्पवर्षा आकर्षण का केंद्र रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नाच-गान के साथ माहौल भक्तिमय बना रहा।
उल्लेखनीय है कि सूराजी चारभुजा जी के प्रथम पुजारी थे, जिन्हें प्रभु के साक्षात दर्शन हुए थे, वहीं भोलीराम जी पंचोली को भी प्रभु के दर्शन प्राप्त हुए थे। दोनों मामा-भाणेज थे और उनकी स्मृति में हर वर्ष रामनवमी पर यह शोभायात्रा निकाली जाती है।
रामनवमी के अवसर पर पुजारी समाज द्वारा पूरे कस्बे में भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया।
