न्यूज़ नेशन 81 क्राइम ब्यूरो सोनभद्र रामआश्रय बिंद
सोनभद्र। ओबरा क्षेत्र में संचालित विभिन्न कंपनियों—RKE, Louyad PNC, Insolesan, JISHA, Sumenargey, Om Construction समेत अन्य ठेकेदार फर्मों में कार्यरत सैकड़ों संविदा श्रमिकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें महीनों से वेतन नहीं दिया गया, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
भारती संविदा श्रमिक संगठन के अध्यक्ष श्री मणि शंकर पाठक और मंत्री उमेश पटेल के नेतृत्व में श्रमिकों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। संगठन ने संबंधित विभाग और अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल समस्या के समाधान की मांग की है।
श्रमिकों का कहना है कि वे लगातार कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न समय पर वेतन मिल रहा है और न ही मूलभूत सुविधाएं। इससे उनके परिवारों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
इस आंदोलन में प्रमुख रूप से शामिल मजदूरों में
ओम प्रकाश, विकास, आकाश, अरविंद, एजाज, नौशाद, आशीष, राहुल चौबे, आशीष चौबे, आलोक, युगेश चौबे, नीरज, सत्यप्रकाश, तुलसी दास और अजीत यादव समेत कई अन्य श्रमिक शामिल हैं, जिन्होंने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई शुरू कर दी है।
संगठन ने मांग की है कि—
- बकाया वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए
- श्रमिकों को निर्धारित समय पर सैलरी दी जाए
- कार्य के घंटे और सुविधाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए
- लंबे समय से कार्यरत मजदूरों को बोनस व अन्य लाभ दिए जाएं
श्रमिक नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और संबंधित कंपनियां इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाती हैं, या फिर श्रमिकों को अपने हक के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा।
