न्यूज़ रिपोर्टर देवकरण माली
भीलवाड़ा = पुर उपनगर के समीप नौगांवा स्थित सांवरिया सेठ धाम में शुक्रवार को ‘श्रीमद् भागवत समरसता महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में परम पूज्य माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान एवं श्री सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
महोत्सव की शुरुआत 501 मंगल कलशों की भव्य शोभायात्रा से हुई, जिसमें सौभाग्यवती महिलाओं ने मंगल गीत गाए और युवाओं ने नृत्य करते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बैंड-बाजों और “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
दोपहर में आयोजित कथा में प्रख्यात संत गोवत्स राधाकृष्ण ने युवाओं को मोबाइल की लत से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा देर रात तक मोबाइल में व्यस्त रहता है, जिससे अनिद्रा जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। “मनोरंजन मस्तिष्क का उन्माद है, जबकि भागवत कथा आत्मा का सच्चा भोजन है,” उन्होंने कहा। संत श्री ने सत्संग को जीवन का महत्वपूर्ण संस्कार बताते हुए संतोष को सबसे बड़ा सुख बताया।
माधव गोशाला अध्यक्ष डीपी अग्रवाल और ट्रस्ट अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडानी ने बताया कि आयोजन के तहत विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्थान परिसर में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें 23 वर्षों की गोसंरक्षण यात्रा को दर्शाया गया है।
कथा के पहले दिन कई संतों, संघ पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने व्यासपीठ पूजन कर संत श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन में निशुल्क बस सेवा, पेयजल और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं।
आज भजन संध्या
महोत्सव के अंतर्गत शनिवार शाम 7:30 बजे कुमुद विहार क्षेत्र में भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें गोवत्स संत राधाकृष्ण महाराज भजनों की प्रस्तुति देंगे। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह
