पाटन। (गोपेश साहू) पाटन ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। इस वर्ष लगभग 733 हितग्राहियों को नोडल अधिकारियों द्वारा अपात्र घोषित किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र लोगों को योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है, जबकि अपात्र लोगों को लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है।
समाजसेवी युगल आडिल ने पूरे मामले को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई ग्राम पंचायतों में अधिकारियों के दबाव में ग्राम सभाएं आयोजित कर नोडल अधिकारियों द्वारा तैयार सूची को जबरन मंजूरी दिलाई गई। इससे वास्तविक पात्र हितग्राही योजना से बाहर हो गए।
कुर्मी गुंडरा पंचायत बना विवाद का केंद्र
ग्राम पंचायत कुर्मी गुंडरा में स्थिति विशेष रूप से विवादित हो गई है। यहां 15 हितग्राहियों को अपात्र घोषित किया गया, जबकि ग्रामीणों के अनुसार इनमें से कई लोग पात्रता की श्रेणी में आते हैं।
बताया गया कि 25 जून 2025 को ग्राम सभा आयोजित कर सूची जनपद पंचायत कार्यालय भेजी गई थी। इसके बाद ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए 9 अक्टूबर 2025 को पुनः ग्राम सभा आयोजित कर संशोधित सूची भेजी गई, लेकिन इसके बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
दावा-आपत्ति प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
जिला पंचायत द्वारा 23 अक्टूबर 2025 को दावा-आपत्ति आमंत्रित कर 31 अक्टूबर तक की समय सीमा निर्धारित की गई थी। ग्रामीणों ने समय-सीमा के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन आरोप है कि जनपद पंचायत पाटन द्वारा इस प्रक्रिया को केवल औपचारिकता तक सीमित रखा गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जांच के दौरान न तो दस्तावेजों का सही ढंग से परीक्षण किया गया और न ही जनप्रतिनिधियों से समुचित जानकारी ली गई। इसके चलते कई हितग्राहियों को दोबारा अपात्र घोषित कर दिया गया।
“अधिकारी राज हावी, जनप्रतिनिधि उपेक्षित”
युगल आडिल ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में “अधिकारी राज” हावी है और जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर गरीब और जरूरतमंद लोग योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ अपात्र लोगों को लाभ दिलाया जा रहा है, जो गंभीर अनियमितता का संकेत है।
7 अप्रैल को जनपद कार्यालय में होगा आंदोलन
मामले को लेकर ग्रामीणों और जनकल्याण समिति ने 7 अप्रैल (मंगलवार) को दोपहर 12 बजे जनपद पंचायत पाटन कार्यालय में आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
आंदोलन के दौरान प्रमुख मांगें इस प्रकार होंगी—
अपात्र घोषित किए गए पात्र हितग्राहियों को न्याय दिलाया जाए
सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार मूलक कार्यों की स्वीकृति दी जाए
लंबित मनरेगा मजदूरी का शीघ्र भुगतान किया जाए
समाजसेवियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटन तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाटन को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में जनकल्याण समिति के सदस्य युगल आडिल एवं राकेश आडिल प्रमुख रूप से शामिल रहे।
(गोपेश साहू, संवाददाता)
