भीलवाड़ा। जिले में बढ़ती नशे की प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) के नेतृत्व में “नशा मुक्त भीलवाड़ा 2.0” अभियान के तहत व्यापक कार्रवाई की जा रही है। अभियान के अंतर्गत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, सामाजिक सभाओं में नशीले पदार्थों के सेवन तथा सोशल मीडिया पर नशे का प्रचार-प्रसार करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सामाजिक कुरीति के रूप में सामने आ रहे अफीम सेवन पर रोकथाम के उद्देश्य से विशेष टीमें गठित कर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में प्रभावी कार्रवाई की गई है।
सामाजिक सभाओं में अफीम सेवन पर कार्रवाई
अभियान के तहत सामाजिक आयोजनों में बैठकर अफीम सेवन करने वालों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज किए गए।
थाना बनेड़ा पुलिस ने ग्राम पंचायत बबराणा के भदेरियाश्याम भैरूनाथ मंदिर परिसर में अफीम सेवन करते पाए जाने पर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
थाना सदर पुलिस ने ग्राम धुमडास में शोकसभा के दौरान अफीम सेवन करने पर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
सोशल मीडिया पर नशे का महिमामंडन करने वालों पर शिकंजा
जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सोशल मीडिया सेल द्वारा ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया गया, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अफीम सेवन के वीडियो बनाकर प्रसारित कर रहे थे और नशे की प्रवृत्तियों को बढ़ावा दे रहे थे। चिन्हित व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न थाना क्षेत्रों में निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इनमें थाना आसीन्द से 2, बनेड़ा से 2, हमीरगढ़ से 1, मांडल से 4, मांडलगढ़ से 1, मंगरोप से 2, पारोली से 1, रायला से 1, सदर से 2 तथा शाहपुरा से 17 व्यक्ति शामिल हैं।
एक वर्ष में बड़ी जब्ती
भीलवाड़ा पुलिस द्वारा पिछले एक वर्ष में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए गए अभियान में 183 प्रकरण दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान लगभग 21 किलोग्राम अफीम, 2301 किलोग्राम गांजा तथा 12,057 किलोग्राम डोडा चूरा जब्त किया गया। जब्त मादक पदार्थों की अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹38,88,09,500 (अड़तीस करोड़ अठासी लाख नौ हजार पांच सौ रुपये) आंकी गई है।
इन मामलों में अब तक 332 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसपी का संदेश
पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि नशा समाज की जड़ों को कमजोर करता है और युवा पीढ़ी को इससे दूर रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। “नशा मुक्त भीलवाड़ा 2.0” अभियान के माध्यम से अवैध मादक पदार्थों के सेवन एवं उसके प्रचार-प्रसार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि सामाजिक सभाओं एवं आयोजनों में नशीले पदार्थों का सेवन न करें और ऐसी गतिविधियों का समर्थन न करें।
भीलवाड़ा पुलिस आमजन के सहयोग से जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
