दुर्ग! संस्कृति एवं शोध समिति मध्यप्रदेश बालाघाट चतुर्थ साहित्यकार अधिवेशन 'सृजन महोत्सव 2026' में शिवधाम कोड़िया के कवि एवं साहित्यकार डॉ नीलकंठ देवांगन को देवनागरी लिपि के संरक्षण, हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार एवं सामाजिक तथा सांस्कृतिक समन्वय, समरसता की भावना को रेखांकित कर उनके साहित्य महिमा को मंडित करते हुए उन्हें ' हिंदी साहित्य रत्न मानद उपाधि ' से अलंकृत किया गया है l स्मृति चिन्ह भी प्रदत्त किया गया है l संस्कृति एवं शोध समिति के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. एल. सी. जैन, प्रदेश महासचिव अशोक सिंहासने 'असीम', संरक्षक शरद श्रीवास्तव हैं l
डॉ देवांगन साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, खेलकूद, शैक्षणिक गतिविधियों में निरंतर सक्रियता के साथ अनेक छत्तीसगढ़ी लोक कला सांस्कृतिक मंच, नाट्य कला मंच से संबद्ध हैं l उनकी ग्यारह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं l उनके कई शोध पत्र एवं कई समीक्षा लेख भी प्रस्तुत हो चुके हैं l वे अनेक साहित्य गौरव सम्मान, कवि रत्न, गीत रचनाकार पुरस्कार, श्रेष्ठ नाट्य निर्देशक, मोस्ट प्रेस्टीजियस अवार्ड, भारत रत्न डॉ अंबेडकर विशिष्ट अवार्ड, आदर्श शिक्षक सम्मान, ऋतंभरा रत्न, शिखरशिरोमणि अलंकरण से विभूषित हैं l उनके इस उपलब्धि 'हिंदी साहित्य रत्न मानद उपाधि' से अलंकृत होने पर मित्र संबंधियों में खुशी की लहर है l
रिपोर्ट - रवि सेन
