खबर है हरदा जिले से 17 फरवरी 2026/ बाल विवाह मुक्त भारत अभियान 2026 के अंतर्गत हरदा जिले के पिनेकल स्कूल हरदा एवं ज्ञान गंगा हाई स्कूल हरदा में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राजा रंगारे जी के नेतृत्व में बालक बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्प्रभावों व गुड टच बेड टच की जानकारी दी गई। इस दौरान चाइल्ड लाइन से सुश्री दिव्या राजपूत ने विद्यार्थियों को गुड टच एवं बेड टच के बारे में समझाया। उन्होने इस दौरान बताया कि यदि बालक की उम्र 21 तथा बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम है और बालक या बालिका का विवाह हो रहा हो तो वह बाल विवाह कहलाता है। उन्होने बताया कि बाल विवाह से बाल विवाह करने वाले बालक व बालिका की शिक्षा रुक जाती है, घरेलू हिंसा के मामले बढ़ जाते है, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ खराब होता है तथा जीवन जीने के अवसर कम हों जाते है। साथ ही उन्हें ऐसी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चाइल्ड लाइन से श्री शुभम् धार्मिक ने बताया कि बालश्रम बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत हानिकारक है। इससे शिक्षा का अधिकार छिन जाता है। वे कुपोषण और गंभीर बीमारियों का शिकार बनते हैं तथा खतरनाक स्थितियों में काम करने के कारण शारीरिक शोषण व मृत्यु का खतरा रहता है। यह गरीबी के दुष्कर्म को बढ़ाता है और बचपन का हनन करता है। इस दौरान रविराज राजपूत ने बच्चों को बताया कि चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 चाइल्ड लाइन का टोल-फ्री, आपातकालीन फोन नंबर है, जो भारत में मुसीबत में फंसे बच्चों की मदद के लिए चौबीस घंटे काम करता है। यह महिला और बाल विकास मंत्रालय के तहत काम करता है, जिसे कोई भी बच्चा या अन्य व्यक्ति आपातकालीन सहायता जैसे बाल विवाह, बाल मजदूरी, या शोषण के लिए डायल कर सकता है। उन्होने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य संकट में फंसे बच्चों को तुरंत सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास प्रदान करना है। इसमें मेडिकल, आश्रय, कानूनी सहायता और भावनात्मक मार्गदर्शन शामिल हो सकता है। कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग से श्रर आशीष जोशी एवं स्कूल डायरेक्टर श्री अब्दुल सईद, प्राचार्य श्रीमती प्रियंका तोमर, श्री अर्जुनसिंह चौहान सहित स्कूल स्टाफ उपस्थित रहे।
संवाददाता अनिल मालवीय सिराली
