अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों की प्रगति को लेकर बुधवार को संभाग स्तरीय सतर्कता, सलाहकार एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी ने की।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मिथलेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर बैतूल नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेंद्र जैन, कलेक्टर हरदा सिद्धार्थ जैन सहित बैतूल, हरदा और नर्मदापुरम जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
दस्तावेजों के अभाव में प्रकरण लंबित न रहें
संभागायुक्त तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जाति प्रमाण-पत्र या अन्य आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर दस्तावेजों की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया में देरी न हो।
राहत राशि का भुगतान प्राथमिकता से
बैठक में पीड़ितों को देय राहत राशि के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।
संभागायुक्त ने यह भी कहा कि जिला एवं उपखंड स्तरीय समितियों की नियमित बैठकें आयोजित कर मामलों की सतत निगरानी की जाए, जिससे अत्याचार संबंधी मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
सनसनीखेज मामलों पर विशेष फोकस
समीक्षा के दौरान चिन्हित एवं संवेदनशील प्रकरणों पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में कानून सम्मत कड़ी कार्रवाई करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखी जाए।
बैठक का उद्देश्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ पीड़ितों को त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध कराना रहा।
ओमप्रकाश साहू ।
