कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोकथाम एवं बाल संरक्षण के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाना रहा। इस अवसर पर बाल संरक्षण विषय पर विस्तृत जानकारी दी गई तथा उपस्थित ग्रामीणों को बाल विवाह न करने एवं न होने देने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति का पुनर्गठन भी किया गया, जिससे गांव स्तर पर बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की निगरानी को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी को बाल विवाह रोकथाम से संबंधित कानूनी प्रावधानों, दुष्परिणामों एवं शिकायत की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन द्वारा त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम से संरक्षण अधिकारी सुश्री मनीषा शर्मा, परियोजना समन्वयक श्री अमित मरावी, चाइल्ड लाइन सुपरवाइजर सुश्री मल्लिका सोड़ी तथा केस वर्कर श्रीमती गमेश्वरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। टीम ने ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
जिला ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार नाग
