न्याय चला निर्धन से मिलने की सूक्ति को अमली जामा पहनाने के उददेश्य से इसी माह की 22 तारीख को मेगा/बृहद विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर का का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर को सफल और प्रभावी बनाने की गरज से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जिला जज विवेक की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी मेगा शिविर की आधारशिला के रूप में प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था ने एक स्वर में अन्तिम व्यक्ति तक न्याय और योजनाओं के लाभ पहुँचाने का संकल्प दोहराया है।
बैठक में जिला जज श्री विवेक ने कहा कि समाज के अन्तिम पायदान पर खडे व्यक्ति को शीघ्र, सस्ता एवं सुलभ न्याय मुहैया कराना प्राधिकरण का मुख्य उददेश्य है। उन्होंने यह भी कहा कि यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि प्राधिकरण के उददेश्य को सफल बनाकर शीघ्र सस्ता एवं सुलभ न्याय मुहैया कराने की दिशा में आवश्यक एवं प्रभावी प्रयास करें। जनपद न्यायाधीश ने यह भी कहा कि यह शिविर केवल एक कार्यकम नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की नींव है, जो हर पात्र नागरिक को उसका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, पात्र लाभार्थियों का सटीक चिन्हांकन हो और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद लाभ से वंचित न रह जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस शिविर में चिन्हित और पंजीकृत सभी लाभार्थियों को 22 फरवरी को आयोजित मेगा विधिक एवं सेवा शिविर में उनके अधिकारों से जुड़े लाभ प्रदान किए जाएगे। उन्होंने बताया कि मेगा शिविर के दौरान नागरिकों को एक ही स्थान पर निःशुल्क कानूनी सलाह, विधिक सहायता, लोक अदालत राष्ट के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 की जानकारी तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। यह शिविर सभी विभागों के आपसी समन्वय और सहयोग से आयोजित होगा।
अपर जिला जज/नोडल अधिकारी ईश्वर सिंह ने कहा कि इस शिविर की पूर्व तैयारी का मुख्य उददेश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेगा शिविर के दौरान समय और संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग हो तथा अधिकतम जरूरतमंद नागरिकों को लाभ मिल सके। पहले से पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन और पंजीकरण इसी दिशा में एक अहम कदम है।
न्यायाधीश / सचिव पूर्णकालिक अभिषेक कुमार व्यास ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का निरन्तर प्रयास है कि कानूनी सेवाए और सरकारी योजनाए समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुँचे। उनका कहना था कि जब न्याय और योजनाओं तक पहुँच आसान होगी, तभी आम नागरिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकेगा। जागरूकता शिविर के माध्यम से यह संदेह साफ तौर पर है कि न्याय अब केवल अदालतों तक सीमित नही रहेगा, बल्कि जरूरतमंदों की चौखट तक पहुँचेगा यही मेगा विधिक शिविर की असली भावना है। बैठक में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी मौजूद
