अकोला महाराष्ट्र
25 जोड़े बने हमसफर, सादगी और शरई उसूलों की मिसाल
हुसैनी सोशल मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी अकोला की ओर से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 2 फ़रवरी 2026 को भव्य इज्तेमाई निकाह (सामूहिक विवाह) समारोह का सफल आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर 25 दूल्हा-दुल्हन एक-दूसरे के लिए हमसफर बने। समारोह की सबसे खास और सराहनीय बात यह रही कि इसमें किसी भी प्रकार की गैर-शरई रस्में नहीं निभाई गईं, बल्कि पूरे कार्यक्रम को पूरी सादगी, इस्लामी उसूलों और मर्यादाओं के साथ संपन्न किया गया।
इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष हाजी सज्जाद हुसैन ने कहा कि, “हमारा उद्देश्य फिजूलखर्ची से बचते हुए निकाह जैसे पवित्र रिश्ते को आसान बनाना है। विवाह के नाम पर दिखावे और अनावश्यक खर्च से समाज को दूर रखना ही हमारी मुहिम है।” उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों और उनके परिवारजनों को बधाई देते हुए कहा कि वे सादगीपूर्ण विवाह समारोह का हिस्सा बनकर समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
गौरतलब है कि हुसैन सोशल मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी अकोला पिछले 21 वर्षों से लगातार यह सेवा कार्य कर रही है, और अब तक करीब 760 से अधिक दूल्हा-दुल्हन इस संस्था के माध्यम से निकाह के पवित्र बंधन में बंध चुके हैं। इस नेक कार्य में काजी-ए-निकाह सहित संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस भव्य आयोजन में अकोला शहर के गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम में नवनिर्वाचित नगरसेवक, समाजसेवी, पत्रकार वर्ग तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने संस्था के इस सामाजिक उपक्रम की सराहना की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में
संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मेहनत की। जिसमें अध्यक्ष हाजी सज्जाद हुसैन,उपाध्यक्ष अलहाज अरशद हुसैन, सचिव शहज़ेब हुसैन, कोषाध्यक्ष मोहम्मद वासिफ, मेंबर मुकीम शहजाद, अजहर हुसैन. साथ ही इज्तेमा कमेटी का अहम योगदान रहा, जिसमें कमाल सिद्दीकी उर्फ पशु भाई, इश्तियाक हुसैन, इब्राहिम खान टाटा, अफजल गाजी, आसिफ जिलानी, औरंगजेब हुसैन शामिल रहे। इसके साथ-साथ महात्मा फुले जनता भाजी बाजार हमाल संगठन और चिल्लर व्यापारी संगठन के सदस्यों का भी इस आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सभी सहयोगियों के अथक प्रयासों से यह इज्तेमाई निकाह समारोह एक अनुकरणीय और यादगार आयोजन बन सका। समाज में सादगी, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला यह आयोजन निसंदेह अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित होगा।
मोहम्मद फारूक खामगांव
