प्रशासन त्रस्त, अपराधी मस्त
उमरिया।
उमरिया जिले में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। थाना नौरोजाबाद अंतर्गत ग्राम रहटा में सोमवार शाम करीब 05:50 बजे दिनदहाड़े हुई चोरी की वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। चोरों ने एक सराफा व्यापारी को बातों में उलझाकर सोना-चांदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
पीड़ित व्यापारी शहपुर तहसील, जिला डिंडोरी का निवासी है, जो प्रतिदिन ग्राम रहटा में सराफा व्यवसाय करता है। रोज की तरह वह सोमवार को भी दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोग ग्राहक बनकर आए, बातचीत में उलझाया और मौके का फायदा उठाकर कीमती जेवरातों से भरा बैग पार कर दिया।
नौरोजाबाद थाना क्षेत्र में बढ़ता अपराध, व्यापारियों में भय
घटना ने एक बार फिर नौरोजाबाद थाना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन का भरोसा बहाल करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री विजय भगवानी द्वारा जिले के कई थाना प्रभारियों में बदलाव किया गया, लेकिन नौरोजाबाद थाना क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाएं पुलिस व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही हैं।
स्थिति यह है कि न तो आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहा है और न ही बाहर से आने वाले व्यापारी। व्यापारियों के मन में भय बना हुआ है कि कब, कहां और किसके साथ कोई बड़ी घटना घट जाए।
भारतीय किसान संघ उमरिया ने किया हस्तक्षेप
घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय किसान संघ उमरिया के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल तत्काल नौरोजाबाद थाना पहुंचे और पीड़ित व्यापारी की एफआईआर दर्ज कराई।
सूत्रों के अनुसार, थाना प्रभारी पहले घटना स्थल के निरीक्षण के बाद एफआईआर लिखने की बात कह रहे थे। इस पर किसान संघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि घटना स्थल का प्राथमिक मुआयना 112 डायल पुलिस द्वारा पहले ही किया जा चुका है, इसलिए नियमानुसार पहले एफआईआर दर्ज की जाए। किसान संघ के हस्तक्षेप के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई।
अब सवाल यह है…
क्या प्रशासन अपराधियों पर सख्ती से नकेल कस पाएगा?
या फिर ऐसे ही आम आदमी और मेहनतकश व्यापारी अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी अपराधियों के हवाले होते रहेंगे?
उमरिया जिले की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहती है।
