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गंगापुर–रायपुर स्टेट हाईवे 75 पर “मौत के गड्ढे”, हादसे की आशंका, शीघ्र नव निर्माण की मांग :-NN81



भीलवाड़ा जिले से होकर गुजर रहे स्टेट हाईवे 75 (भीडर–रामगढ़ वाया डेलाना, कोशिथल, रायपुर) पर गंगापुर से रायपुर के बीच सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार डेलाना, उल्लाई चौराहा, मटुनिया, देवरिया चौराहा (कीरखेड़ा), नान्दशा चौराहा तथा रायपुर बाईपास के पास सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं। कई स्थानों पर गड्ढे तीन से चार फीट तक फैले हुए हैं, जिससे वाहन हिचकोले खाते हुए निकल रहे हैं।

रात में बढ़ जाता है खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि दिन में तो गड्ढे नजर आ जाते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में यही गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं। इस मार्ग से दिन-रात दो पहिया, चार पहिया, यात्री बसें, लोडिंग वाहन, डंपर सहित भारी वाहनों की आवाजाही रहती है।

पीडब्ल्यूडी की लापरवाही पर सवाल

बताया जा रहा है कि सड़क पर नाले/पुलिया निर्माण के बाद पीडब्ल्यूडी ने पाइप डालकर काम तो किया, लेकिन इसके बाद सड़क की मरम्मत और पैचवर्क पर ध्यान नहीं दिया। कई जगहों पर वर्षों से गड्ढे वैसे ही बने हुए हैं।

महत्वपूर्ण विधानसभा मार्ग, विकास में बाधा

यह मार्ग सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र के दो बड़े कस्बों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्गों से सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र के विकास और व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।

मरीज और गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम

ग्रामीणों ने बताया कि गड्ढों के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह सड़क बेहद खतरनाक साबित हो रही है।

स्पीड ब्रेकर भी बने परेशानी

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि हाईवे पर गांव-चौराहों पर बड़े और ऊंचे स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं, जिनसे दुपहिया और चौपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इनकी ऊंचाई कम की जाए या इन्हें हटाया जाए, ताकि यात्रा सुरक्षित हो सके।

हाईवे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी

ग्रामीणों का कहना है कि पूरे स्टेट हाईवे पर संकेतक बोर्ड, मोड़ संकेत, आबादी क्षेत्र चेतावनी बोर्ड, व्हाइट लाइन, क्रॉसिंग लाइन जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं कहीं नजर नहीं आतीं। इससे वाहन चालकों को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

ग्रामीणों ने खुद मिट्टी डालकर भरे गड्ढे

कई स्थानों पर हादसों से बचने के लिए ग्रामीणों ने गड्ढों में मिट्टी भरकर अस्थायी समाधान किया, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क फिर से टूट गई और गड्ढे पहले से अधिक खतरनाक हो गए।

जनप्रतिनिधियों पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी इस सड़क से कई बार आते-जाते हैं, लेकिन सड़क की दुर्दशा पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।


क्षेत्रवासियों ने राज्य सरकार और पीडब्ल्यूडी विभाग से मांग की है कि इस सड़क पर तत्काल पैचवर्क कराया जाए, गड्ढों को भरा जाए और जल्द ही नई डामरीकरण (नव निर्माण) की स्वीकृति देकर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

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