'मिशन कनेक्ट' के जरिए गाँव-गाँव पहुँच रहे अधिकारी, अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा लाभ
सुकमा/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की "अंत्योदय" और सुशासन की परिकल्पना अब बस्तर के वनांचलों में धरातल पर उतर रही है। सुकमा जिले में शुरू किए गए "मिशन कनेक्ट" ने सरकारी फाइलों और आम जनता के बीच की दूरी को खत्म कर दिया है। शनिवार को जिला प्रशासन के अधिकारी दफ्तरों से निकलकर सीधे गांवों की चौपालों तक पहुँचे, जिससे ग्रामीणों में विश्वास की एक नई लहर देखी गई।
एक साथ 33 पंचायतों में 'दस्तक'
कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के नेतृत्व में सुकमा विकासखंड की 33 ग्राम पंचायतों में एक साथ महा-अभियान चलाया गया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पंचायतों में जाकर शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
समयबद्ध कार्रवाई सुबह 10 बजे से ही जिला स्तरीय अधिकारी सक्रिय रहे।
सघन निरीक्षण स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और पीडीएस केंद्रों का बारीकी से मुआयना किया गया।
गुणवत्ता की कसौटी पर परखा गया 'जमीनी सच'
प्रशासन की इस संवेदनशीलता का असर यह रहा कि खुद अधिकारियों ने धरातल पर व्यवस्थाओं की गुणवत्ता जांची।
पोषण आहार बच्चों के मध्यान्ह भोजन और पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की स्वयं चखकर जांच की गई।
स्वास्थ्य सेवाएं अस्पतालों में दवाइयों की स्टॉक और साफ-सफाई का कड़ाई से निरीक्षण किया गया।
विकास कार्य पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति देखी गई ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
तुंगल बांध पर हुई मैदानी समीक्षा
भ्रमण के तुरंत बाद तुंगल बांध में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने प्रत्येक पंचायत की रिपोर्ट का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इस दौरान डीएफओ श्री अक्षय भोंसले, नोडल अधिकारी मिशन कनेक्ट श्री रविशंकर वर्मा, जनपद सीईओ सुश्री निधि प्रधान, एसडीपीओ श्री परमेश्वर तिलकवार तथा अन्य जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
जिला ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार नाग।
