सुकमा नगर पालिका के मस्तानपारा वार्ड क्रमांक 2 में नाली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। गली–गली में जमी गंदगी और रुका हुआ पानी साफ तौर पर दिखाई देता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही मच्छरों की भनभनाहट इतनी बढ़ जाती है कि घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
इसी रास्ते से रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग गुजरते हैं, लेकिन बदबू और गंदगी के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का सवाल है—क्या नालियों की सफाई होगी या नहीं?
जिम्मेदार कौन?
मोहल्लेवासियों ने जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है। सवाल उठ रहे हैं कि:
क्या नगरपालिका परिषद के अधिकारी इस स्थिति से अनजान हैं?
क्या सीएमओ ने सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग नहीं की?
क्या नगरपालिका परिषद अध्यक्ष और संबंधित वार्ड पार्षद की जिम्मेदारी नहीं बनती?
जनता का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई, फॉगिंग और नियमित मॉनिटरिंग नहीं की गई तो डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
जनता की मांग:
1. तत्काल नालियों की सफाई कराई जाए।
2. नियमित फॉगिंग और दवा छिड़काव हो।
3. जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब लिया जाए।
4. शासन प्रशासन जल्द से जल्द साफ सफाई करने का कष्ट करें। ताकि मोहले वासियों को समय पर राहत मिल सके ।
जिला ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार नाग।
