NEWS NATION 81
Report.by- gajendra patel
Lokeshion- jila mandla
पूर्व सामान्य वन मंडल अंतर्गत जगमण्डल अंजनियां परिक्षेत्र में एक बाघिन की मौत का मामला सामने आया है, शुक्रवार शाम को अंजनियां बीट के जंगल में गश्त के दौरान वनकर्मियों को बाघिन का शव मिला था l जिसके बाद पूरे महकमे में हडक़ंप मच गया। शनिवार को हुए पोस्टमार्टम के बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि.बाघिन की मौत आपसी संघर्ष में नहीं, बल्कि बिजली के करंट की चपेट में आने से हुई हैं।
बताया गया कि परिक्षेत्र में शुक्रवार की शाम को बाघ के शव की सूचना मिलते ही पूर्व सामान्य वनमंडल की डीएफओ प्रीता एस.एम.सहित डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची थी l लेकिन अंधेरा होने के कारण शुक्रवार को केवल प्राथमिक जांच ही की जा सकी थी। शुरुआती तौर पर बाघिन के शरीर के पिछले हिस्से में चोट और सडऩ के निशान मिलने पर यह आशंका जताई जा रही थी कि किसी अन्य बाघ के साथ हुए संघर्ष में उसकी जान गई होगी। हालांकि शनिवार सुबह वन्यजीव विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में स्थिति साफ हो गई। रिपोर्ट के अनुसार लगभग 14 से 16 माह की इस मादा बाघिन की मौत करंट लगने से हुई है।
दोषियों की तलाश में 4 किमी का घेरा-
बाघिन की मौत को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने तत्काल जांच टीम गठित कर दी है,डीएफओ प्रीता एस.एम ने बताया है कि. घटना स्थल के आस-पास चार -किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि करंट शिकार के उद्देश्य से लगाया गया था या किसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
जांच जारी, होगी कड़ी कार्रवाई -
वन विभाग ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर डॉग स्क्वायड के जरिए साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फोंरेसिक रिपोर्ट जबलपुर भेजी गई है, यहां इसके पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जंगल में करंट फैलाने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान के लिए सघन पूछताछ और जांच जारी है।
इनका कहना है .
शुक्रवार की शाम बाघिन का शव परिक्षेत्र में मिला था, रात के अंधेरे में विस्तृत जांच संभव नही थी, शनिवार सुबह वन्यजीव विशेषज्ञ टीम की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम किया गया है.जिसमे करंट लगने से बाघिन की मौत की वजह सामने आईं है। शव परीक्षण के बाद फोंरेसिक रिपोर्ट जबलपुर भेजी गई है।
