नौरोजाबाद// उमरिया
मदनलाल बर्मन की रिपोर्ट
उमरिया जिले में धान खरीदी के दौरान भारी अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोप सामने आने से हड़कंप मच गया है। उमरिया जिले में धान खरीदी के लिए कुल 44 केंद्र बनाए गए थे, जहां निर्धारित अवधि तक खरीदी की गई। अब जब धान खरीदी की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है, तो किसानों के गंभीर सवाल और आरोप प्रशासन के सामने आ गए हैं।
किसानों का कहना है कि जिले के कई धान खरीदी केंद्रों पर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही। आरोप है कि कुछ केंद्र प्रभारियों और कर्मचारियों ने धान तौलने, ग्रेडिंग करने और पर्ची बनाने के नाम पर किसानों से अवैध रूप से पैसे वसूले। कई किसानों ने यह भी दावा किया कि यदि वे पैसे नहीं देते थे तो उनका धान लेने में टालमटोल की जाती थी या फिर उन्हें अनावश्यक परेशान किया जाता था।
मामला सामने आने के बाद आक्रोशित किसानों ने उमरिया कलेक्टर से लिखित शिकायत की है। शिकायत में केंद्र प्रभारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि धान खरीदी सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है, लेकिन जब इसी व्यवस्था में भ्रष्टाचार हो तो किसानों का भरोसा टूट जाता है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर उन्हें डराया-धमकाया गया और शिकायत करने पर खरीदी बंद करने की धमकी दी गई। इससे किसान मानसिक दबाव में आ गए और मजबूरी में पैसे देने को विवश हुए।
प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। हालांकि कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू करने की बात कही जा रही है। प्रशासन का कहना है कि शिकायत की गंभीरता से जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल किसान प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताएं दोबारा न हों। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।
