Type Here to Get Search Results !

🔴LIVE TV

संघर्ष से शिखर तक: बिरसिंहपुर पाली के डॉ. पीयूष खंडेलवाल बने प्रेरणा की मिसाल: NN81

 


मदनलाल बर्मन की रिपोर्ट 


उमरिया--बिरसिंहपुर पाली कहते हैं कि सच्ची मेहनत, अटूट संकल्प और माता-पिता का आशीर्वाद मिल जाए तो कठिन से कठिन राह भी आसान हो जाती है। इस कथन को साकार कर दिखाया है बिरसिंहपुर पाली के होनहार पुत्र डॉ. पीयूष खंडेलवाल ने, जिनका चयन एम.एस. (जनरल सर्जरी) में श्याम शाह मेडिकल कॉलेज, रीवा में हुआ है। यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि संघर्षों से जूझकर आगे बढ़ने की एक प्रेरणादायी कहानी है।

डॉ. पीयूष के पिता वर्ष 2006 से दिव्यांग हैं और परिवार की आजीविका मोटर रिवाइंडिंग की एक छोटी-सी दुकान से चलती है। सीमित साधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की शिक्षा में कभी कोई कमी नहीं आने दी। उनकी माता ने भी अथक परिश्रम, त्याग और धैर्य के साथ परिवार को संभालते हुए अपने बेटे को आगे बढ़ने का संबल दिया। माता-पिता के संघर्ष, संस्कार और समर्पण का ही प्रतिफल है कि आज उनका पुत्र एक सफल चिकित्सक बनने की दिशा में अग्रसर है।

डॉ. पीयूष खंडेलवाल न केवल शिक्षा में उत्कृष्ट हैं, बल्कि सामाजिक सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे नेशनल मेडिकोस ऑर्गनाइजेशन (NMO) से जुड़े हुए हैं और इसके माध्यम से आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं।

उनका स्पष्ट उद्देश्य है कि भविष्य में वे अपने गृह क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराएँ, ताकि आमजन को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों की ओर न जाना पड़े।

डॉ. पीयूष की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर नगर के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Advertisement

#codes