अंजुमन निजामुल इस्लाम कमेटी द्वारा मताधिकार से वंचित सदस्यों ने एसडीएम को दिया आवेदन
पूर्व सदर ने कलेक्टर को दिया आवेदन,चुनाव कमेटी ने सदर के पद पर कब्जा किया कौम नाराज
अमन खान इंकलाबी राजगढ़
नरसिंहगढ़ अनुविभागीय अधिकारी सुशील कुमार वर्मा को अंजुमन निजामुल इस्लाम नरसिंहगढ़ के अस्थाई सदर एडवोकेट सिद्दीक अंसारी के द्वारा मन माने तरीके से निर्वाचन सूची तैयार करने तथा प्रार्थी गण को दोषी डिफालटर बनाकर वोटर सूची मे नाम नहीं जोड़ने से दुखी होकर नरसिंहगढ़ एसडीएम को आवेदन दिया
आवेदन देने वाले सभी सदस्यों ने बताया कि हम सभी लोग नरसिंहगढ़ शहर के मूल निवासी है अंजुमन निजामुल इस्लाम कमेटी नरसिंहगढ़ के नियमो के अनुसार मुस्लिम समाज के पुरुषों को वोट डालने का अधिकार है और प्रति तीन सालो में नरसिंहगढ़ शहर के मुस्लिम समाज के लोगों के अध्यक्ष (सदर) का चुनाव कराया जाता रहा है अंजुमन निजामुल इस्लाम नरसिंहगढ़ भारतीय संविधान के नियमों के अनुसार एक रजिस्टर्ड संस्था है जिसका रजिस्ट्रेशन क्रमांक 2410/4-1071 है जिसमे प्रति तीन सालो के अंतराल में मुस्लिम समाज के लोगों के द्वारा शहर अध्यक्ष के चुनाव सम्पन्न होते हैं तथा चुनाव के पूर्व वोटर सूची तैयार की जाती है जिसमे मृत सदस्यो के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाते है तथा नये सदस्यों के नाम जिन्होने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है ऐसे पुरुषो के नाम वोटर लिस्ट में शामिल किये जाते है किन्तु वर्तमान एडाक सदर एडवोकेट सिद्दीक अंसारी के द्वारा किसी प्रकार का कोई सर्वे नहीं कराया जा कर सम्पूर्ण पुरानी वोटर सूची को समाप्त कर बिना किसी व्यक्ती को सूचना दिये मात्र एक पत्र जारी कर वोटरों को व्यक्तीगत रूप से अंजुमन कार्यालय में वयक्तीगत रूप से हाजिर होकर नाम जोड़ने के लिये बुलाया जा रहा है पुरानी वोटर लिस्ट को बिना किसी उचित कारण के समाप्त कर दिया जिससे भारतीय संविधान के नियमों का सीधा-सीधा उल्लंघन है तथा अंजुमन निजामुल इस्लाम कमेटी के नियमों के विपरीत है जिसके कारण मुस्लिम समाज के लोगों में बड़ी नाराजगी देखी जा रही है जिसके कारण मुस्लिम समाज में अव्यवस्था व अशांति फैलने का डर है
इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए नरसिंहगढ़ अंजुमन निजामुल इस्लाम कमेटी के पूर्व सदस्यों तथा काम के अन्य लोगों ने आवेदन के माध्यम से नरसिंहगढ़ एसडीएम को अवगत कराना उचित समझा
प्रार्थी गणों के पास अन्जुमन कमेटी की दुकान है जिनको बिना किसी उचित कारण के विवादित बनाया जा रहा है और चुनाव के लिये जो वोटर लिस्ट तैयार की जा रही है उसमे नाम जोड़ने से इन्कार कर दिया है। इस बात से बचने के लिये नाम क्यो नहीं जोड़ रहे है तो कहा जा रहा है कि दोषी (डीफालटर) लोगो के नाम वोटर लिस्ट में नही लिखे जायेगें वर्तमान सदर के द्वारा मुस्लिम समाज में झूटी अफवह फेलाई जा रही है इसी को आधार मानकर वोटर लिस्ट में प्रार्थीगण के नाम वोटर लिस्ट में नहीं जोड़े जा रहे है
वही दूसरी ओर मुस्लिम समाज के जागरूक लोगों का मानना है की डिफाल्टर होना एक अलग विषय है किंतु कौम के लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वर्तमान सदर के द्वारा वंचित करने का कोई अधिकार नहीं है कानूनी तौर पर अगर देखा जाए तो भारतीय बैंकों से लाखों करोड़ों का लोन लेकर डिफाल्टर होने के बाद भी वह सभी लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं सरकार ऐसे लोगों को कानूनी रूप से ब्लैक लिस्ट कर डिफाल्टर घोषित कर देती है किंतु उनसे मत अधिकार प्रयोग करने का अधिकार नहीं छीना जाता है इन सभी बात को ध्यान में रखते हुए वर्तमान शहर सदर को सभी लोगों के मताधिकार का प्रयोग करने देना चाहिए
प्रार्थी गणों से आगे बात करने पर उन्होंने बताया कि दिनांक 10-01-2026 को वोटर सूची में नाम जोड़ने की अंतिम दिनांक निश्चित की गई थी किन्तु वर्तमान शहर में कोम के पद पर बैठे लोगों द्वारा मन माने तरीके से वोटर सूची को तैयार किया जा रहा हैं प्रार्थीयो के अलावा अन्य वोटरो के नाम को भी कम करने का प्रयास किया जा रहा है
इन सभी बातों से दुखी होकर मुस्लिम समाज के लोगों को उनके वोट डालने के अधिकारो से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है और वर्तमान सदर के द्वारा सभी प्रार्थी गण को बदनाम करने का प्रयास भी किया जा रहा है अस्थाई सदर (मुस्लिम समाज के शहर अध्यक्ष) के द्वारा मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है जिस के कारण मुस्लिम समूदाय के जिम्मेदार सदस्यो को चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित करने का प्रयास है जिससे वहां सदर के चुनाव में भाग ना ले सके और उन्हें बदनाम किया जा सके
नरसिंहगढ़ के पूर्व सदर शेख इफ्तिखार अहमद ने चुनाव में धांधली को लेकर राजगढ़ कलेक्टर को दिया आवेदन
सदर अन्जुमन निजामुल इस्लाम के सदर के चुनाव में समिति के पदस्थ पदाधिकारीयो के द्वारा चुनाव प्रक्रिया का पालन न करते हुए चुनाव में धांधली कर मुस्लिम समाज में माहोल खराब कर पूर्व सदर शेख इफ्तार अहमद को झूठे केस में फंसाने का प्रयास किया जा सकता है
नगर नरसिंहगढ में अन्जुमन निजामुल इस्लाम के सदर का चुनाव होना है उक्त चुनाव कमेटी में पदस्थ पदाधिकारी एडवोकेट सिद्धीक अन्सारी एवं लईक सब्जी फरोज के द्वारा चुनावी प्रकिया का पालन नही किया जा रहा है तथा लोगो को गुमराह कर शहर काजी के द्वारा शहर की मस्जिद में एलाउंस किया गया था कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सदस्यो के नाम वोटर लिस्ट में जोडे जाएंगे जबकि कमेटी के सदस्यो के द्वारा वोटर लिस्ट गायब कर कहा जा रहा है कि सबके नाम जुडे जाएंगे जबकि निर्वाचन 10.01.2026 को होना है इस बात की जानकारी शहर में मुस्लिम समाज के लोगो को नही है कमेटी के द्वारा मनमानी करते हुए चुनाव को आगे बढाना चाहती है तथा चुनाव होने पर वोटर लिस्ट एवं नये सदस्यो के नाम वोटर लिस्ट में नहीं जोड़े जाने से विवाद होने की स्थिति बनेगी जिसके आधार पर वह चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ा सके चुनाव में होने वाले संभावित विवाद एवं लडाई झगडे को लेकर प्रार्थी को झुठे प्रकरण में भी फंसाने का प्रयास किया जा सकता है तथा विगत 04 वर्षों से प्रार्थी के नाम की झूठी शिकायते पुलिस थाने में की जा रही है
चुनाव समिति के सदस्य सारी गडबडी कर पूर्व सदर शेख इफ्तिखार अहमद को अनावश्यक रूप से फंसाया जा सकता है तथा चुनाव में गड़बड़ी कर शहर में स्थित मुस्लिम समाज के लोगों में अशांति फैलाना चाहते है तथा चुनाव कमेटी के द्वारा पूर्व में शर्त रखी गई थी कि जिनके नाम से दुकाने है उनसे बकाया राशि वसूल कर ही वोट डालने के लिए पात्र माना जाएगा जबकि चुनाव में आज तक ऐसी शर्त कभी नही रखी गई
प्रार्थी अपने किराये की दुकान जिसका मासिक किराया 1,700/- था अब बढ़ाकर 6,000/- कर दिया तथा बोली 4,72,500/-जो 25 वर्ष पूर्व में प्रार्थी के द्वारा ली गई थी उस राशि को भी दर्ज नहीं किया गया है
चुनाव कमेटी का कार्यकाल 06 माह का होता है किन्तु उसके बाद भी चुनाव कमेटी के द्वारा मनमानी कर अपने पद एवं पद के अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए चुनावी प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप करते है तथा सकील एहमद निसार एहमद को ईदगाह वाली जमीन का विधुत बिल जमा करना है उक्त बिजली का बिल प्रार्थी का नाम जोडकर उस से चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने का प्रयास है प्रार्थी की दुकान किरायेदारी की राशि जमा करने के बावजूद भी उसे (एनओसी)नौड्युज न देकर उसे चुनाव से 'वंचित करने का प्रयास है जिससे दोनों पक्षों में विवाद होने की स्थिति में शहर में फसाद होने की संभावनाएं हैं जिसमे प्रार्थी का नाम जोडा जाकर उसे फसाया जा सके इस प्रकार की साजिश उक्त लोगो के द्वारा की जा रही है चुनाव कमेटी के लोगो के द्वारा संस्था का हिसाब भी नही दिया जा रहा है
लईक सब्जीफरोस चुनाव समिति का नायब सदर है जिसने बायपास पर अपने तीन साथियों के साथ मुझसे यह बोलकर गया कि ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है 12 साल तुमने काम करा होता तो इतनी मेहनत न करना पडती तुम्हे चुनाव में वोट नहीं लडने दिया जायेगा
पूर्व में भी प्रार्थी के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी नरसिंहगढ को लिखित सूचना दी गई थी तथा कमेटी के सदस्यो की सूची एवं मोबाईल नम्बर मांगे गए थे कमेटी के सदस्यो के द्वारा सदर के चुनाव में गडबडी कर चुनाव को स्थगित कर शेख इफ्तिखार अहमद के विरूद्ध असत्य आधार बनाकर उसे चुनाव से वंचित कर मुस्लिम समाज के लोगों में शांति भंग कर फसाने का प्रयास की संभावनाएं है
इनका कहना
एडवोकेट सिद्धीक अंसारी हेड ऑफ कमिटी सदर नरसिंहगढ़
मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है एसडीएम साहब को मुस्लिम समाज के लोगों ने क्या आवेदन दिया है एसडीएम साहब के द्वारा आवेदन के संबंध में मुझे सूचना अगर दी जाती है तब मैं आपको सूचना दूंगा
पूर्व सदर सैयद सदाकत अली नरसिंहगढ़
हेड ऑफ कमेटी (चुनाव समिति के अध्यक्ष) एडवोकेट सिद्दीक अंसारी के द्वारा तानाशाही रवैया अपनाते हुए चुनाव 1 साल से नहीं कराए गए जिससे मुस्लिम समाज में नाराजगी है
