जिला बीजापुर छत्तीसगढ़
जिला संवाददाता रवि गांधरला
बीजापुर।
जिला पंचायत बीजापुर की 15वें वित्त आयोग योजना में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। जनता जोगी कांग्रेस (जेसीसीजे) के बस्तर संभागीय उपाध्यक्ष विजय झाड़ी ने जिला पंचायत कार्यालय में पदस्थ संविदा कर्मचारी विक्रम परस्ते पर ग्राम पंचायतों की विकास राशि में बड़े पैमाने पर गबन करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
विजय झाड़ी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि विक्रम परस्ते, जो 15वें वित्त आयोग योजना शाखा में संविदा कर्मचारी के रूप में पदस्थ हैं, ने ग्राम पंचायतों के डिजिटल सिग्नेचर (DSC) का दुरुपयोग करते हुए सरपंच एवं सचिवों को भ्रम में रखकर पंचायत की बिना स्वीकृति के विकास कार्यों के भुगतान मनमाने ढंग से स्वीकृत कराए। इस सुनियोजित तरीके से लाखों रुपये निकालकर निजी उपयोग में लाए गए।
झाड़ी के अनुसार रानी बोदली, तुमनार, रुद्राराम सहित दर्जनों ग्राम पंचायतों में सड़क, भवन, नाली, पेयजल जैसे बुनियादी विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि में भारी हेराफेरी की गई है। जिन पैसों से गांवों का विकास होना था, वही राशि इस संविदा कर्मचारी ने निजी संपत्ति बनाने में लगा दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि विक्रम परस्ते ने नेशनल हाईवे से लगी प्राइम लोकेशन पर खसरा नंबर 335/4 में लगभग 2 एकड़ भूमि खरीदी है, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये के आसपास बताई जा रही है। इसके अलावा इनके पास एक महंगी कंपनी की कार है और सूत्रों के अनुसार रायपुर में भी इनका एक मकान है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक संविदा कर्मचारी जिसकी मासिक आय मात्र ₹25,000 के आसपास है, वह इतनी बड़ी संपत्ति कैसे अर्जित कर सकता है — यह स्वयं एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सूत्रों के मुताबिक जनता जोगी कांग्रेस के बस्तर संभागीय उपाध्यक्ष विजय झाड़ी जल्द ही इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपकर विक्रम परस्ते के पूरे कार्यकाल और संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे।
