उमरिया जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर सहज नारा निवासी घमीरा पिता फगनू बैगा, उम्र लगभग 65 वर्ष, ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण पिछले 12 वर्षों से शासन की सभी सुविधाओं से आज भी वंचित है। घमीरा बैगा ने अपनी समस्या लेकर जनसुनवाई में पहुंचकर जिला प्रशासन से न्याय की मांग की। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की गलती से उन्हें रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद से उनका नाम समग्र पोर्टल सहित अन्य शासकीय अभिलेखों से हटा दिया गया है।
पीड़ित घमीरा बैगा ने बताया कि जीवित होने के बावजूद उन्हें न तो राशन मिल रहा है, न ही वृद्धा पेंशन का लाभ मिल रहा है। अनेक सरकारी योजनाओं से भी वे पूरी तरह वंचित हैं। पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाते-लगाते वे थक चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ “हो जाएगा” का आश्वासन मिला।और सचिव के द्वारा पैसों की मांग भी की जा रही है, लगभग 12 साल बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
घमीरा बैगा ने जनसुनवाई में आवेदन देकर जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी समस्या का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए, समग्र पोर्टल में नाम पुनः दर्ज कराया जाए और जो भी शासकीय लाभ उन्हें मिलना चाहिए वह उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, उन्होंने मांग की कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार पंचायत कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर उसके अधिकारों से वंचित न किया जाए।
