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अमझिरिया में क्लीन डेस्टीनेशन कार्यक्रम के तहत ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना कार्यशाला का आयोजन - NN81




रोशनी आनंद वि. सिंह पन्ना-

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जिले की ग्राम पंचायतों को स्वच्छ एवं आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम शुरू की गई है, जिसके तहत अब नगरीय क्षेत्र की भांति ग्रामीण क्षेत्रों में भी कचरे के संग्रहण व उचित निस्तारण के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। यह प्रयास ग्राम पंचायतों को स्वच्छ, सुंदर एवं हराभरा बनाने में मददगार साबित होगा। प्रथम चरण में पन्ना नेशनल पार्क की सीमा से लगे 13 ग्राम पंचायतों एवं इनके ग्रामों में कचरा गाड़ी से कचरे के संग्रहण व उचित निस्तारण की कार्ययोजना तैयार की गई है। इनमें पन्ना विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मड़ला, बड़ौर, बगौहा, हिनौता, मनौर, दहलान चौकी, कुड़ार, कृष्णा कल्याणपुर, सुनहरा, जनवार, जरधोबा, मनकी एवं बराछ शामिल हैं। क्लीन डेस्टीनेशन पन्ना ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना आनंदना द कोका कोला इंडिया फाउंडेशन, म.प्र. पर्यटन बोर्ड एवं साहस एनजीओ का संयुक्त प्रयास है। 

रविवार को ईको पार्क अमझिरिया में एक कार्यशाला का आयोजन कर पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों को इस संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टीनेशन, वेस्ट मैनेजमेंट और कचरे के रीसाईकिल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बताया गया कि इस प्रयास से पर्यटन सर्किट में पर्यटकों का अनुभव भी बेहतर होगा। संग्रहित कचरे का पृथक्करण कर इसे पुनः उपयोग में लाने सहित आकर्षक व उपयोगी वस्तुओं का निर्माण भी किया जाएगा। इसमें समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके जरिए आजीविका मिशन की दीदीयों को भी रोजगार से जोड़ा जाएगा। कचरे से आय की अवधारणा पर केन्द्रित इस परियोजना के माध्यम से ग्राम पंचायतों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय ग्रामवासियों को भी रोजगार मिलेगा। 

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिपं सीईओ ने कहा कि पंचायत पदाधिकारी इस मुहिम का हिस्सा बनें। यह प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के साथ ही पारिस्थिकीय तंत्र सुरक्षित रखने में भी मददगार है। राशि का सदुपयोग कर ग्राम पंचायतें कचरामुक्त बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ें। उन्होंने शाहनगर ग्राम पंचायत में कचरा वाहन से घर-घर कचरे के संग्रहण का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वावलंबी ग्राम पंचायत के निर्माण के लिए संकल्प लें। प्रत्येक घर से कचरा संग्रहण के लिए राशि का निर्धारण कर संग्रहण पंजी भी संधारित की जाए। सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक ग्रामीणजनों को इसके लिए जागरूक व प्रेरित करें। सीईओ ने नैतिक व शासकीय दायित्वों के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन कर क्लीन डेस्टीनेशन के लिए सार्थक प्रयास करने की बात कही। साथ ही वॉश ऑन व्हील सेवा की जानकारी देते हुए छिंदवाड़ा के बाद पन्ना को इस सेवा से जोड़कर प्रदेश का दूसरा जिला बनाने का आह्वान भी किया। 

परियोजना अधिकारी संजय सिंह परिहार ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 13 ग्राम पंचायतों के चिन्हांकन तथा गांवों को स्वच्छ बनाने संबंधी कार्ययोजना की जानकारी दी। जपं सीईओ जयशंकर तिवारी ने ग्राम पंचायतों में स्थल का चिन्हांकन कर कचरे के संग्रहण तथा ग्राम पंचायतवार जिम्मेवारी तय करने के लिए कहा। कार्यशाला के उपरांत अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने मनकी ग्राम पंचायत के अमझिरिया में नवनिर्मित एमआरएफ केन्द्र भी देखा और इसकी सराहना की। इस केन्द्र के जरिए ग्राम पंचायतों से यहां पहुंचाए गए कचरे का पृथक्करण कर विक्रय भी किया जाएगा। विदित हो कि वर्ष 2022 में तत्कालीन राज्यपाल की उपस्थिति में इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ हुआ था। इसी परियोजना के तहत 30 गांवों में स्रोत पर पृथक्करण, वैज्ञानिक तरीके से सूखा कचरा प्रबंधन तथा केन्द्रीकृत प्रसंस्करण केन्द्र की स्थापना की गई है।

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